9 अगस्त 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

ट्रैक्टर संचालकों का अजीब फरमान! कम रेट पर जुताई की तो 21 हजार जुर्माने का दावा, जांजगीर-चांपा में कथित ‘शपथ पत्र’ वायरल

Tractor Rate Card: जांजगीर-चांपा जिले के सेमरा गांव का एक कथित 'शपथ पत्र' सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें ट्रैक्टर संचालकों द्वारा जुताई की दरें तय करने और कम रेट पर काम करने वालों पर 21 हजार रुपये जुर्माने का दावा किया गया है।
3 min read
Google source verification
Tractor Drivers Fine 21000

कथित 'शपथ पत्र' वायरल (फोटो सोर्स- AI)

Chhattisgarh Tractor Rate Card: छत्तीसगढ़ में ट्रैक्टर चालकों के नए 'रेट कार्ड' को लेकर किसानों के बीच नई बहस छिड़ गई है। जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम सेमरा का एक कथित 'शपथ पत्र' इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस पत्र में ट्रैक्टर संचालकों द्वारा खेतों की जुताई के लिए एक समान दर तय करने के साथ ही कुछ नियम लागू करने की बात कही गई है। वायरल पत्र सामने आने के बाद किसान और ट्रैक्टर संचालक इसे लेकर अलग-अलग राय रख रहे हैं।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस कथित शपथ पत्र के मुताबिक, खेत की जुताई के लिए सिंगल कल्टीवेटर (सूखा या गीला) का किराया 1500 रुपये और डबल कल्टीवेटर का 1700 रुपये प्रति घंटा तथा ट्रिप का किराया 600 रुपये तय किया गया है। इसके अलावा तय दर से कम राशि पर काम करने वाले ट्रैक्टर संचालक पर 21 हजार रुपये जुर्माना लगाने का भी उल्लेख किया गया है।

पत्र में यह भी लिखा गया है कि यदि कोई किसान दूसरे गांव के ट्रैक्टर से जुताई कराता है तो उसके बाद स्थानीय ट्रैक्टर संचालक उस खेत में काम नहीं करेंगे। वहीं गांव के किसी ट्रैक्टर द्वारा अधूरा छोड़ा गया काम दूसरे स्थानीय ट्रैक्टर संचालक ही पूरा करेंगे।

किसानों के बीच चर्चा तेज

वायरल शपथ पत्र को लेकर किसानों के बीच तीखी बहस देखने को मिल रही है। कुछ किसानों का कहना है कि डीजल, मशीनों के पार्ट्स, मरम्मत और मजदूरी की लागत लगातार बढ़ रही है। ऐसे में ट्रैक्टर संचालकों द्वारा एक समान दर तय करना उनकी मजबूरी हो सकती है। उनका यह भी कहना है कि कई किसानों से भुगतान तुरंत नहीं मिल पाता और धान बेचने के बाद ही किराया दिया जाता है, जिससे ट्रैक्टर मालिकों को आर्थिक परेशानी झेलनी पड़ती है।

वहीं दूसरी ओर कई किसान इस फैसले का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि खेती पहले ही महंगी होती जा रही है और ऐसे समय में सामूहिक रूप से दर बढ़ाना किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने जैसा है। कुछ किसानों ने इसे "आपदा को अवसर" बनाने की कोशिश बताते हुए सवाल उठाए हैं कि यदि कोई संचालक कम दर पर काम करना चाहता है तो उस पर जुर्माना लगाने की बात कितनी उचित है।

सोशल मीडिया पर भी छिड़ी बहस

वायरल पत्र को लेकर विभिन्न सोशल मीडिया ग्रुपों में भी लगातार चर्चा हो रही है। कुछ लोग ट्रैक्टर संचालकों के फैसले को उचित ठहरा रहे हैं, जबकि कई लोग इसे किसानों के हितों के खिलाफ बता रहे हैं। कई यूजर्स का कहना है कि खेती के मौसम में इस तरह के नियम छोटे और सीमांत किसानों की मुश्किलें बढ़ा सकते हैं।

क्या कहता है वायरल शपथ पत्र?

  • सिंगल कल्टीवेटर (सूखा/गीला) से जुताई का किराया 1500 रुपये तय।
  • डबल कल्टीवेटर से जुताई का किराया 1700 रुपये।
  • ट्रिप का किराया 600 रुपये।
  • तय दर से कम पर काम करने वाले ट्रैक्टर संचालक पर 21 हजार रुपये जुर्माने का उल्लेख।
  • दूसरे गांव के ट्रैक्टर से जुताई कराने पर स्थानीय ट्रैक्टर संचालकों द्वारा काम नहीं करने की बात।
  • गांव के ट्रैक्टर द्वारा छोड़ा गया अधूरा काम गांव का दूसरा ट्रैक्टर संचालक ही पूरा करेगा।

स्वतंत्र पुष्टि नहीं

हालांकि, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस कथित शपथ पत्र की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि इसे किस संगठन या समिति ने जारी किया है और स्थानीय प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में वायरल पत्र की सत्यता की पुष्टि होना अभी बाकी है।

बड़ी खबरें

View All

जांजगीर चंपा

छत्तीसगढ़

ट्रेंडिंग