जांजगीर चंपा

चंद रूपयों के लिए इस तरह नौनिहालों की जान से हो रहा खिलवाड़

जिला प्रशासन द्वारा चाहे कितनी भी व्यवस्था बनाने की बात कही जा रही हो लेकिन शिवरीनारायण मेले में कुछ ऐसा भी हो रहा है जो बच्चों की सेहत से जुड़ा
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जिला प्रशासन द्वारा चाहे कितनी भी व्यवस्था बनाने की बात कही जा रही हो लेकिन शिवरीनारायण मेले में कुछ ऐसा भी हो रहा है जो बच्चों की सेहत से जुड़ा
जिला प्रशासन द्वारा चाहे कितनी भी व्यवस्था बनाने की बात कही जा रही हो लेकिन शिवरीनारायण मेले में कुछ ऐसा भी हो रहा है जो बच्चों की सेहत से जुड़ा

जांजगीर-चांपा. जिला प्रशासन द्वारा चाहे कितनी भी व्यवस्था बनाने की बात कही जा रही हो लेकिन शिवरीनारायण मेले में कुछ ऐसा भी हो रहा है जो बच्चों की सेहत से जुड़ा हुआ है।

शिवरीनारायण मेला अपनी परवान पर है लेकिन मेले में बच्चो के लिए आये वाटर फॉल में बच्चों के बोटिंग के नाम से पालकों से 30 रुपए लेकर प्रदूषित पानी मे बोटिंग करा के बच्चों की सेहत के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। अधिकारी एवं कर्मचारियों को मेले की व्यवस्था का कोई ख्याल नही है।

शिवरीनारायण मेले में बच्चों के मनोरंजन के लिए आये वॉटर फॉल में मेले की शुरुआत के दिन पानी भरा गया था, जो 10 दिन बीत जाने के बाद भी वॉटर फॉल के मालिक द्वारा पानी को नहीं बदला गया। जिसके चलते पानी दूषित व काई युक्त हो गया है।

सबसे बड़ी बात यह है कि यह खेल नगर पंचायत कार्यालय शिवरीनारायण के सामने में लगे वाटरफॉल की हैं। जहां पर से नगर पंचायत के अधिकारी जनप्रतिनिधि कर्मचारियों का आना जाना लगा रहता है। इसके बाद भी इनकी नजर वाटरफॉल के दूषित पानी पर नहीं पड़ रही है।

इसी दूषित पानी मे बच्चों को बोटिंग का आनंद देने के नाम से एक एक बच्चे से 30 -30 रुपए ली जा रही है। दूषित पानी के संपर्क में आने से बच्चों की सेहत को तो नुकसान होगा ही, साथ ही साथ वाटर फॉल में 3 फिट से आधिक पानी भरे होने के कारण जान का खतरा भी मंडरा रहा है।

वाटरफॉल मालिक ने कमाई के नाम से बच्चों की सुरक्षा को भी ताक पर रख दिया है। बच्चों को बोटिंग के समय सेफ्टी बेल्ट भी नहीं दिया जा रहा है। जिसके चलते बच्चों के पानी मे डूबने पर किसी भी प्रकार के बचाव के उपाय वॉटर फॉल संचालक द्वारा बोटिंग स्थल पर उपलब्ध नहीं कराई गई है।

मेले में आये वाटर फॉल में बोटिंग के लिए बच्चे अपने पालकों से जिद करते है और पालक भी बच्चों की खुशी के लिए बोटिंग करने की छूट दे देते हैं लेकिन दूषित पानी के सम्पर्क में आने से बच्चों को होने वाली बीमारी की चिंता भी पालकों को रहती है। पानी को बदलने की बात मेले में बच्चे लेकर आये पालकों ने वाटरफॉल के संचालक से की है लेकिन संचालक शिकायत को नगर अंदाज कर रहा है।

Published on:
10 Feb 2018 06:34 pm
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