
जर्जर सड़कों से परेशान ग्रामीण (फोटो सोर्स- पत्रिका)
Chhattisgarh Road Condition: छत्तीसगढ़ को क्या हम गड्ढों का प्रदेश कह सकते हैं? यह सवाल इसलिए उठ रहा है क्योंकि प्रदेश के कई जिलों में जर्जर सड़कों को लेकर लोग परेशान हैं। कहीं सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे आवागमन में बाधा बन रहे हैं, तो कहीं खराब सड़क के कारण ग्रामीणों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसी बीच जांजगीर-चांपा जिले में भी जर्जर सड़कों को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश सामने आया है। सड़क मरम्मत और तत्काल राहत कार्य की मांग को लेकर शुक्रवार को अर्जुनी में ग्रामीणों ने अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया।
अर्जुनी-रसेड़ा मोड़ के पास NH-49 फोरलेन से जुड़े ग्रामीण, जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठनों के सदस्य और राजनीतिक दलों से जुड़े लोग एकत्र हुए। सभी ने क्षेत्र की जर्जर सड़कों की मरम्मत और तत्काल राहत कार्य शुरू करने की मांग को लेकर धरना शुरू किया।
ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से पहुंच मार्गों की स्थिति खराब है। सड़क की बदहाली के कारण रोजाना आने-जाने वाले लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग और प्रशासन से कई बार सड़क की स्थिति सुधारने की मांग की, लेकिन निर्धारित समय में काम शुरू नहीं होने के बाद अब उन्होंने अनिश्चितकालीन धरने का रास्ता अपनाया है।
ग्रामीणों के अनुसार NH-49 फोरलेन से अर्जुनी-बोहापारा, करूमहू-बुटराभांवर, रसेड़ा, मुरलीडीह, अमोरा-नवापारा, रोगदा, दर्रीटाड़-कल्याणपुर, लटिया, पकरिया और पीपरसत्ती मुक्तिधाम तक जाने वाले पहुंच मार्ग जर्जर हो चुके हैं। इन मार्गों से ग्रामीणों का नियमित आवागमन होता है। सड़क की खराब स्थिति के कारण स्थानीय लोगों को आने-जाने में दिक्कत होने का दावा किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की स्थिति में सुधार नहीं होने से परेशानी लगातार बनी हुई है।
ग्रामीणों के मुताबिक, सड़क सुधार की मांग को लेकर उन्होंने 1 सितंबर को कलेक्टर के नाम SDM अकलतरा और CEO जनपद पंचायत अकलतरा को ज्ञापन सौंपा था। ज्ञापन के माध्यम से संबंधित सड़कों की मरम्मत और तत्काल राहत कार्य शुरू कराने की मांग की गई थी। ग्रामीणों ने प्रशासन को 15 दिन के भीतर सड़क सुधार कार्य शुरू कराने की मांग की थी। उनका कहना है कि निर्धारित समय बीत जाने के बाद भी सड़क मरम्मत का काम शुरू नहीं हुआ। इसके बाद ग्रामीणों ने शुक्रवार से अनिश्चितकालीन धरना शुरू करने का निर्णय लिया।
ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि सड़क सुधार की मांग पूरी होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। धरने में ग्रामीणों के साथ जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठन और राजनीतिक दलों से जुड़े लोग भी शामिल हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी तरह का विवाद खड़ा करना नहीं, बल्कि लंबे समय से खराब पड़े पहुंच मार्गों की मरम्मत कराकर लोगों को राहत दिलाना है। उनका कहना है कि प्रशासन को मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द से जल्द सड़क सुधार का काम शुरू करना चाहिए।
जर्जर सड़कें सिर्फ आवागमन की समस्या नहीं हैं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजमर्रा की गतिविधियों को भी प्रभावित करती हैं। ग्रामीणों का कहना है कि खराब सड़कों के कारण लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है और लंबे समय से मरम्मत की मांग किए जाने के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। अर्जुनी में शुरू हुआ यह धरना अब प्रशासन के लिए भी ध्यान देने वाला विषय बन गया है। ग्रामीणों की मांग है कि संबंधित पहुंच मार्गों की स्थिति का निरीक्षण कराकर जल्द से जल्द मरम्मत एवं तत्काल राहत कार्य शुरू कराया जाए।
Updated on:
18 Sept 2026 03:17 pm
Published on:
18 Sept 2026 03:17 pm
