बैंक से लोन दिलाने के नाम पर लाखों रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। मास्टरमाइंड दिव्यांग ने जमीन के एवज में ८ प्रतिशत में ५ से ६ लाख रुपए लोन देने का लालच देकर ठगी की घटना को अंजाम दिया गया है। किसान से ब्लेक चेक प्राप्त कर लिया और धान खरीदी के बाद पैसा आते ही तत्काल चेक लगाकर १ लाख ८० हजार रुपए आहरण कर ठगी कर फरार हो गए।
प्रेस कान्फ्रेंस में एएसपी अनिल सोनी ने बताया कि प्रार्थी शांति लाल सोनवानी (50) निवासी पिपरसत्ती थाना अकलतरा जिला द्वारा 3 फरवरी को थाना अकलतरा में रिपोर्ट दर्ज कराया। जिसके अनुसार 24 जनवरी को करीब 3 बजे दोपहर दो अज्ञात व्यक्ति उसके घर आया और बोला कि हम लोगों का लिटिल फायनेंस बैंक के नाम से आफिस एसबीआई के सामने चाम्पा में है। हम लोग 8 प्रतिशत में 5-6 लाख रुपए जमीन के एवज में दे देगें कहकर बताया था और कुछ जमीन का कागजात लगेगा कहते जमीन का दस्तावेज मांगा। प्रार्थी द्वारा लोन के चाह में अपने जमीन का फोटोकापी दिया गया। विवेचना दौरान जितेन्द्र बघेल को तकनिकी सहायता से बिलासपुर से पकड़ा गया। हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर बताया कि हेमंत कुमार भारद्धाज, दीपक टंडन व अन्य साथी के साथ एक शादी के कार्यक्रम में मिलने पर तुम्हारे खाता में पैसा डाल देते है। इसके एवज में तुम्हे कमीशन प्राप्त होगा का लालच तथा पैसे दिए थे। इसके आधार पर हेमंत भारद्धाज, दीपक टंडन से पूछताछ पर अपने दो अन्य साथी के साथ मिलकर गांव-गांव जाकर लोगों को केसीसी, गृह निर्माण, पर्सनल लोन दिलाने के नाम पर लोगों से उनके जमीन का बी.1, खसरा, आधार कार्ड, पेन कार्ड तथा ब्लेक चेक लेकर उनके खाते का 6 माह का स्टेटमेंट उन्ही से निकलवाकर राशि को उन्ही के चेक के माध्यम से निकालकर आपस मे बांट लेते थे। सभी का अलग-अलग पूछताछ कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। आरोपी हेमंत भारद्वाज निवासी तिफरा बिलासपुर, जितेन्द्र प्रताप बघेल निवासी बेंदरकोना थाना रामपुर जिला कोरबा, दीपक टण्डन निवासी सेवार थाना चकरभांठा जिला बिलासपुर के खिलाफ सबूत पाए जाने से विधिवत गिरफ्तार कर 4 फरवरी को न्यायिक रिमांड पर भेजा जा रहा है। प्रकरण की विवेचना जारी है।
जांच में आगे हो सकता है बड़ा खुलासा
प्रार्थी ने बताया कि पिपरसत्ती सहित आसपास के २ से ३ गांव के ५ से ६ किसानों को भी अपने झांसे में लिया है। आरोपियो के पास से 13 नग चेक एंव विभिन्न प्रकार के दस्तावेज बरामद किया गया। इससे स्पष्ट है कि आरोपियों ने अन्य लोगों से भी ठगी किया है। एएसपी का कहना है कि अभी जांच जारी है। १३ नग चेक बरामद किया गया है, इससे अन्य और प्रार्थी सामने आ सकते है।
बैंक का कर्मचारी बताकर करते थे ठगी
आरोपियों द्वारा अपने आप को बैंक का कर्मचारी बताकर गांव शहर में घूम-घूमकर लोगों को झांसे में लेकर प्रचार-प्रसार कर धोखाधड़ी
करता था। विभिन्न प्रकार की कंपनियो से लोन दिलाने का झांसा देते थे। जबकि बैंक से दूर-दूर तक किसी का कोई नाता नहीं है। सभी आरोपी मजदूर है।
बैंक व खरीदी केन्द्र में किसान बरतें विशेष सावधानी, घुम रहे ठग
जिला पुलिस जांजगीर ने किसानों ने अपील करते हुए कहा कि वर्तमान में धान खरीदी बिक्री का सीजन चल रहा है। किसानों द्वारा पैसा आहरण करने के लिए बैंक जाते हैं। उनके गांव तथा शहर क्षेत्र में कोई व्यक्ति लोन दिलाने संबंधी व अन्य प्रकार की पैसे दिलाने या डबल करने करने का लालच देकर बातचीत करता है, विश्वास दिलाता है। ऐसे संदिग्ध व्यक्ति की सूचना तत्काल पुलिस को स्वयं या सरपंच, कोटवार तथा अन्य किसी के माध्यम से दे सकते है। ऐसे ठग से सावधान रहे। ठग वर्तमान में सक्रिय है।