जांजगीर चंपा

नर्सेस की हड़ताल को सरकार ने दिया अल्टीमेटम

18 मई से हड़ताल पर हैं स्टॉफ नर्सेस

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18 मई से हड़ताल पर हैं स्टॉफ नर्सेस

जांजगीर-चांपा. जिले के स्टॉफ नर्सेस १८ मई से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। इनके हड़ताल से प्रदेश भर के शासकीय अस्पतालों में स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई है। जिसे देखते हुए सरकार ने उन्हें साफ चेतावनी दी है कि वे काम पर लौट जाएं। नहीं तो उनके उपर एकतरफा कार्रवाई की जाएगी,

लेकिन सरकार की चेतावनी का स्टाफ नर्सेस यूनियन पर कोई असर नहीं पड़ रहा है। इधर उनके समर्थन में डॉक्टर भी काली पट्टी लगाकर काम कर रहे हैं। डॉक्टर यूनियन का कहना है कि उनकी मांगें जायज है। यही वजह है कि उनके समर्थन में काली पट्टी लगाकर काम कर रहे हैं।

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वेतन विसंगति सहित विभिन्न मांगों को लेकर प्रदेश भर की स्टॉफ नर्सेस १८ मई से हड़ताल पर हैं। प्रदेश भर की स्टाफ नर्सेस रायपुर में हड़ताल करने जुटी हुई हैं। इनके हड़ताल में जाने के बाद जिल के शासकीय अस्पतालों में स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई है। जिले के प्रत्येक अस्पतालों में बिना स्टाफ नर्सेस के काम चल रहा है। कहीं जूनियर स्टॉफ नर्सेस से काम लिया जा रहा है तो कहीं प्रशिक्षुओं से। जिसके चलते शासकीय अस्पतालों में मरीजों की सेवा नहीं हो पा रही है।

खासकर जिला अस्पताल में जूनियर स्टॉफ नर्सेस से सेवा ली जा रही है। इधर स्टॉफ नर्सेस की हड़ताल को इंडियन मेडिकल एसोशिएशन ने भी समर्थन दिया है। आईएमए के प्रदेश अध्यक्ष अशोक त्रिपाठी ने कहा है कि छत्तीसगढ़ परिचारिका कर्मचारी कल्याण संघ के तत्वावधान में राज्य के सभी स्टॉफ द्वारा अपनी जायज व वैध मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन असहयोग आंदोलन किया जा रहा है। जिसका आईएमए समर्थन करती है। इसके अलावा डॉक्टर भी उनके समर्थन में काली पट्टी लगाकर ड्यूटी कर रहे हैं।


चला रहे पोस्टकार्ड अभियान
स्टॉफ नर्सेस यूनियन द्वारा शहर सहित ग्रामीण अंचलों में पोस्टकार्ड अभियान चलाया जा रहा है। स्टॉफ नर्सेस आम लोगों के बीच जाकर लोगों को अपनी वैध मांगों को बताया जा रहा है और पोस्टकार्ड के माध्यम से सरकार को जगाने की कोशिश की जा रही है।

इसके अलावा स्वास्थ्य संयोजक कर्मचारी संघ सहित स्वास्थ्य विभाग से जुड़े सभी कर्मचारी संगठनों से समर्थन मांगकर सरकार का ध्यान अपनी ओर आकृष्ट करा रहीं हैं। इधर इनकी मांगों को सुने बगैर सरकार ने उन्हें साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि वे नि:शर्त काम पर लौट जाएं, नहीं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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Published on:
25 May 2018 06:30 pm
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