Chhattisgarh Road Accident: जांजगीर जिले में तेज रफ्तार हार्वेस्टर ने शिक्षकों की कार को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई, लेकिन स्कूल प्राचार्य समेत सभी लोग सुरक्षित बच गए।
Chhattisgarh Road Accident: छत्तीसगढ़ के जांजगीर जिले में मंगलवार सुबह बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कोसला के प्राचार्य और अन्य शिक्षकों की कार को तेज रफ्तार हार्वेस्टर ने जोरदार टक्कर मार दी। हादसा ग्राम कुटराबोड़ के पास हुआ, जहां शिक्षक 10वीं-12वीं के विद्यार्थियों की अंकसूची लेने जांजगीर जा रहे थे। टक्कर इतनी तेज थी कि टाटा कर्व कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हालांकि राहत की बात यह रही कि कार में सवार सभी लोग सुरक्षित बच गए। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
जानकारी के अनुसार 26 मई 2026 की सुबह करीब 10 बजे शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कोसला के प्राचार्य अपनी टाटा कर्व कार (CG11-BQ-7122) से जांजगीर जा रहे थे। उनके साथ सुरेंद्र कुमार कश्यप, परदेशी लाल खूंटे और नारायण लाल कैवर्त्य भी मौजूद थे। बताया जा रहा है कि सभी लोग शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय क्रमांक-02 खोखराभाठा, जांजगीर से 10वीं और 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों की अंकसूची लेने जा रहे थे।
जब कार ग्राम कुटराबोड़ में विद्या बर्मन के घर के सामने मुख्य सड़क पर पहुंची, तभी पीछे से आ रहे एक हार्वेस्टर चालक ने कथित तौर पर तेज और लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाते हुए कार को टक्कर मार दी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक टक्कर काफी तेज थी, जिससे कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई।
हादसे के बाद कार में सवार सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। राहत की बात यह रही कि किसी को गंभीर चोट नहीं आई। हालांकि हादसे के बाद सभी लोग काफी घबराए हुए दिखाई दिए। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर टक्कर थोड़ी और तेज होती तो बड़ा हादसा हो सकता था।
घटना के बाद मामले की जानकारी संबंधित थाने में दी गई है। बताया जा रहा है कि हादसे को लेकर मौखिक शिकायत दर्ज कराई गई है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है और हार्वेस्टर चालक की लापरवाही को लेकर जानकारी जुटाई जा रही है।
हादसे के बाद ग्रामीणों ने क्षेत्र में भारी वाहनों की तेज रफ्तार पर चिंता जताई है। लोगों का कहना है कि गांवों से गुजरने वाले मुख्य मार्गों पर अक्सर भारी वाहन लापरवाही से चलते हैं, जिससे हादसों का खतरा बना रहता है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से सड़क सुरक्षा के लिए सख्त कार्रवाई और भारी वाहनों की गति नियंत्रित करने की मांग की है।