
Sky Lightning: छत्तीसगढ़ में लगातार बदल रहे मौसम के बीच आकाशीय बिजली का कहर भी देखने को मिल रहा है। प्रदेश के कई जिलों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश का दौर जारी है। इसी बीच जांजगीर-चांपा जिले से एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। डभरा थाना क्षेत्र में आकाशीय बिजली गिरने से खदान में काम कर रहे एक मजदूर दंपती (husband-wife died lightning) की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर है।
जानकारी के अनुसार, मृतकों की पहचान बसंतपुर निवासी आनंदराम माली (54) और उनकी पत्नी धोबनिन बाई माली (50) के रूप में हुई है। दोनों गुरुवार दोपहर करीब 1 बजे मणि कंचन मैदान के पास स्थित खदान में मजदूरी का काम कर रहे थे। इसी दौरान मौसम अचानक खराब हो गया और तेज गरज-चमक के बीच आकाशीय बिजली सीधे उनके ऊपर गिर गई। बिजली की चपेट में आने से दोनों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
बताया जा रहा है कि शाम तक दोनों के घर नहीं लौटने पर परिजनों को चिंता हुई। काफी देर तक इंतजार करने के बाद परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। खोजबीन के दौरान दोनों खदान के पास मृत अवस्था में मिले। घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्र में सनसनी फैल गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए।
शुक्रवार सुबह डभरा पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा कार्रवाई के बाद शवों (lightning strike death) को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। प्रारंभिक जांच में मौत का कारण आकाशीय बिजली गिरना बताया गया है। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रशासन की ओर से भी घटना की जानकारी जुटाई जा रही है।
मानसून के सक्रिय होने के साथ ही छत्तीसगढ़ के कई जिलों में आकाशीय बिजली (Sky Lightning In Chhattisgarh) गिरने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। मौसम विभाग भी लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, खेतों और पेड़ों के नीचे खड़े नहीं होने की सलाह दे रहा है।
इससे पहले 30 जून को बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के सामरी पाठ क्षेत्र की ग्राम पंचायत अमटाही के वार्ड क्रमांक-1 दर्रीपारा में तेज बारिश और गरज-चमक के दौरान एक विशाल पेड़ पर आकाशीय बिजली गिर गई थी। बिजली गिरने का असर इतना तेज था कि पेड़ के पास स्थित मकान भूकंप की तरह हिल गया और उसकी दीवारों में दरारें पड़ गईं।
हादसे में घर के भीतर रखी आलमारी, फ्रिज सहित अन्य घरेलू सामान क्षतिग्रस्त हो गए। बिजली के तेज झटके से घर में मौजूद 4 बच्चों समेत कुल 7 लोग इसकी चपेट में आ गए। सभी घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी हालत खतरे से बाहर बताई गई। पीड़ित परिवार ने प्रशासन से आर्थिक सहायता और मुआवजे की मांग की है।