
Chhattisgarh Road Accident: जांजगीर-चांपा जिला पंचायत अध्यक्ष इंजी. सत्यलता मिरी की कार का मंगलवार सुबह सिमगा के पास नेशनल हाईवे पर भीषण सड़क हादसा हो गया। हादसा उस वक्त हुआ, जब वह रायपुर से जांजगीर-चांपा लौट रही थीं। अचानक सड़क पर एक गाय दौड़ती हुई आ गई। गाय को बचाने की कोशिश में ड्राइवर ने कार को संभालने का प्रयास किया, लेकिन वाहन अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे में जिला पंचायत अध्यक्ष सत्यलता मिरी बाल-बाल बच गईं। राहत की बात यह रही कि टक्कर के दौरान कार के एयरबैग खुल गए, जिससे बड़ा हादसा टल गया। अध्यक्ष को किसी तरह की गंभीर चोट नहीं आई है और वह पूरी तरह सुरक्षित बताई जा रही हैं।
जानकारी के मुताबिक, सत्यलता मिरी रायपुर से जांजगीर की ओर जा रही थीं। इसी दौरान सिमगा के पास नेशनल हाईवे पर अचानक एक गाय तेज गति से सड़क के बीच आ गई। गाय को देखकर चालक ने उसे बचाने के लिए कार को दूसरी तरफ मोड़ने की कोशिश की। इसी दौरान कार का संतुलन बिगड़ गया और वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे के बाद मौके पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
हादसा काफी जोरदार बताया जा रहा है। टक्कर के दौरान कार के एयरबैग खुल गए, जिससे कार में सवार लोगों को गंभीर चोटों से बचाया जा सका। हादसे में जिला पंचायत अध्यक्ष सुरक्षित हैं। घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय लोग भी मौके पर पहुंच गए और मदद की। लोगों ने दुर्घटनाग्रस्त कार को देखा और अध्यक्ष की स्थिति के बारे में जानकारी ली।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कार की टक्कर के बाद गाय भी सड़क पर गिर गई थी। वह कुछ देर तक सड़क पर पड़ी रही। हालांकि कुछ समय बाद गाय उठकर वहां से चली गई। हादसे की वजह से हाईवे पर कुछ समय के लिए लोगों की भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभालने में मदद की।
बताया जा रहा है कि यह सड़क हादसा आज सुबह करीब 11:45 बजे हुआ। उस समय जिला पंचायत अध्यक्ष रायपुर से जांजगीर-चांपा लौट रही थीं। हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली, क्योंकि दुर्घटना काफी गंभीर थी। कार को हुए नुकसान को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि टक्कर जोरदार थी, लेकिन एयरबैग खुलने से बड़ी जनहानि टल गई।
सड़क हादसे के बाद सबसे बड़ी राहत की बात यही रही कि जिला पंचायत अध्यक्ष सत्यलता मिरी सुरक्षित हैं। उन्हें गंभीर चोट आने की जानकारी नहीं है। यह हादसा एक बार फिर नेशनल हाईवे पर आवारा मवेशियों की मौजूदगी और उससे पैदा होने वाले सड़क हादसों के खतरे को सामने लाता है। हाईवे पर अचानक मवेशियों के आने से वाहन चालकों को कम समय में निर्णय लेना पड़ता है, जिससे कई बार वाहन अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो जाते हैं। फिलहाल हादसे के बाद मौके पर स्थानीय लोगों की मदद से स्थिति को संभाला गया। दुर्घटना की पूरी जानकारी और वाहन को हुए नुकसान का आकलन संबंधित स्तर पर किया जा रहा है।