केएसके महानदी पॉवर कंपनी लिमिटेड से स्थानीय श्रमिकों को निकाले जाने तथा भू-विस्थापितों को पुनर्वास नीति के तहत कंपनी से जरूरी सुविधाएं नहीं मिल पाने का मुद्दा लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। यही वजह है कि अवकाश होने के बावजूद शनिवार को कलक्टोरेट में कलक्टर की अध्यक्षता में भू-विस्थापितों की बैठक रखी गई थी, जिसमें कलक्टर ने इस प्लांट से जुड़ी तमाम शिकायतों की जांच के लिए जिला स्तरीय समिति गठित करने का आश्वासन दिया है।
नौकरी से निकालने व अन्य मुद्दों को लेकर क्षेत्र के भू-विस्थापित प्लांट के गेट के बाहर कई दिनों से प्रदर्शन कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों ने प्लांट से निकाले गए श्रमिकों को दोबारा काम पर नियोजित करने सहित नौ सूत्रीय मांगे कंपनी प्रबंधन के समक्ष रखी थी, लेकिन प्रबंधन ने उनकी मांगों पर कोई ध्यान नहीं दिया तो शुक्रवार को कलक्टोरेट का घेराव किया था, तब उनकी मुलाकात कलक्टर डॉ. एस भारतीदासन से नहीं हुई थी। इस मामले में कलक्टर डॉ. भारतीदासन ने शनिवार को ही बैठक रखने की सूचना जिला कांग्रेस अध्यक्ष तक भेजी।
कलक्टर की सूचना पर जिलाध्यक्ष मंजू सिंह सहित करीब 15 भू-विस्थापितों का प्रतिनिधि मंडल दोपहर 12.30 बजे कलक्टोरेट पहुंचा, जहां कलक्टर की अध्यक्षता में बैठक हुई। करीब दो घंटे तक चली बैठक के बाद कलक्टर ने जिला स्तरीय समिति गठित कर केएसके प्लांट से संबंधित भू-विस्थापितों की सभी शिकायतों की जांच कराने का आश्वासन दिया है, लेकिन उन्होंने समय-सीमा निर्धारित नहीं की है।