CG News : केएसके महानदी पावर कंपनी के कर्मचारी ने मंगलवार की सुबह 5.30 बजे प्लांट के अंदर ही खुदकुशी कर ली।
जांजगीर- चांपा। CG News : ऑनलाइन सट्टा की गिरफ्त में आकर बाजार में तकरीबन 25 लाख रुपए का कर्ज के दबाव में आकर केएसके महानदी पावर कंपनी के कर्मचारी ने मंगलवार की सुबह 5.30 बजे प्लांट के अंदर ही खुदकुशी कर ली। तकरीबन पांच घंटे के तनाव के बाद प्लांट से शव बाहर लाया गया।
प्लांट में खुदकुशी करने का यह मकसद होता है कि यहां कर्मचारियों को प्लांट प्रबंधन की ओर से बतौर बीमा की क्षतिपूर्ति 33 लाख रुपए परिजनों को दी जाती है। जिसके चलते प्लांट के भीतर खुदकुशी करने का लगातार मामला सामने आ रहा है। फिलहाल मंगलवार की सुबह केएसके प्लांट के भीतर खुदकुशी मामले में परिजनों के बीच पांच घंटे तक गहमागहमी का माहौल था। क्योंकि प्लांट प्रबंधन परिजनों को बीमा की क्षतिपूर्ति देने को राजी था लेकिन परिजनों को नौकरी देने से इनकार कर रहा था। प्लांट में दोनों पक्षों के बीच सहमति बनने के बाद माहौल शांत हुआ।
पुलिस के अनुसार अजय साहू पिता संतोष साहू केएसके महानदी पॉवर कंपनी के यूनिट 3 में स्विच गीयर रूम में पदस्थ था। वह ऑनलाइन सट्टा खेलकर मार्केट से बड़ी तादात में कर्ज ले लिया था। जिसके तगादे से परेशान रहता था। मार्केट में उसका तकरीबन 25 लाख रुपए कर्ज था। कुछ कर्ज को उसने अपनी जमीन बेचकर चुक्ता भी किया था। बावजूद मार्केट में उसका 25 लाख का कर्ज था। जिसके तगादे से परेशान था।
घर में हर रोज कोई न कोई तगादे के लिए बैठा रहता था। जिसके चलते परिजन भी परेशान रहते थे। ऐसे तगादे से परेशान होकर अजय साहू सोमवार की रात को में प्लांट आया था। रात भर करने के बाद वह सुबह 5.30 बजे अपने सहकर्मी से कहा कि तुम फाइनल रिपोर्ट लेने के लिए ऊपर जाओ मैं नीचे का काम करता हूं। जैसे ही उसका सहकर्मी ऊपर गया और वापस लौटा तब नीचे उतरकर देखा तो वह फांसी के फंदे में लटका रहा। मामले की सूचना उसने अन्य कर्मचारियों को दी।
यह लिखा खुदकुशी का कारण
अजय साहू ने अपनी जेब में सुसाइड नोट भी रखा था। जिसमें उसने लिखा है कि मम्मी, पापा व मेरी प्यारी बेटी सॉरी, मुझे माफ करना। मेरी गल्ती की वजह से पूरे परिवार वालों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मेरी सैलरी की पूरी रकम कर्ज चुकाने में खर्च हो रहा है। घर का खर्च मुश्किल से चल रहा है। जिसके चलते सभी परेशान हैं। मैं अपने परिवार के लिए कुछ नहीं कर पाया हूं। मैं जिससे कर्ज लिया हूं उसे धीरे धीरे पटा रहा हूं।
मैं अपने परिवार को छोड़कर जाना नहीं चाहता था लेकिन जिसने मुझे कर्ज में पैसे दिए हैं वे जान से मारने की धमकी देते थे। जिसके चलते मुझे ऐसा कदम उठाना पड़ रहा है। मेरे जाने के बाद यदि कोई मेरे घर वालों को परेशान करेगा वही मेरी मौत का जिम्मेदार होगा। मेरी बेटी का ख्याल रखना। सभी अच्छे से रहना। बड़े भैया सोनू तुम मां, पिता को अच्छे से रखना। सभी से मैं माफी चाहता हूं। सॉरी मम्मी पापा, सॉरी मेरी प्यारी बेटी, सपना आपको अकेले छोड़कर जा रहा हूं। मुझे माफ करना। सॉरी।
केएसके कर्मचारी ने प्लांट में खुदकुशी की है। उसका मार्केट में कर्ज था। जिससे परेशान था।
- सागर पाठक, थाना प्रभारी मुलमुला