
Mahanadi Flood: बीते सप्ताह से हो रही लगातार बारिश से प्रदेश के सभी नदी, नाले खतरे के निशान से उपर बह रहे हैं। मूसलाधार बारिश से महानदी की धार खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गई है। जांजगीर चांपा जिले के शिवरीनारायण में अलर्ट जारी हुआ है। (Flood threat in Shivrinayan) वहीं नदी से लगे आसपास के गांवों को खाली करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन की टीम लगातार गांवों पर नजर बनाए रखे हुए हैं। किसी भी हालत में निपटने के लिए टीम तैयार है।
महानदी का जलस्तर बढ़ने से कई गांवों में अब बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। मिली जानकारी के अनुसार बलौदा बाजार जिले के कसडोल विकासखंड का रीवा सरार गांव एक बार फिर बाढ़ की चपेट में आ गया है। महानदी का जलस्तर बढ़ने से पूरा गांव चारों ओर से पानी से घिर गया है और टापू जैसी स्थिति बन गई है।
महानदी के किनारे बसे इस गांव में करीब 35 लोग रहते हैं। बाढ़ के कारण गांव तक पहुंचने वाले सभी रास्ते जलमग्न हो गए हैं, जिससे ग्रामीणों का तहसील मुख्यालय और आसपास के क्षेत्रों से संपर्क पूरी तरह टूट गया है। लोगों की आवाजाही बंद होने से रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना भी मुश्किल हो गया है।
लगातार जारी बारिश और सिकासार जलाशय से 15 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने के कारण राजिम का त्रिवेणी संगम उफान पर है। सोंढूर, पैरी और महानदी का जलस्तर तेजी से बढऩे से पंचमुखी कुलेश्वरनाथ महादेव मंदिर का चौराहा डूबने की कगार पर पहुंच गया। बारिश थमने के बाद नेहरू पुल, वीआईपी रोड और लक्ष्मण झूला पर उफनती नदियों और एनीकेट से टकराती लहरों का विहंगम दृश्य देखने हजारों श्रद्धालुओं व पर्यटकों की भीड़ उमड़ पड़ी।
बारिश के कारण राजिम शहर और आसपास के क्षेत्रों में भारी जलभराव हुआ है। गरियाबंद, महासमुंद और रायपुर मार्ग सहित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में पानी भर गया। छुरा रोड स्थित पथर्रा नाले के ऊपर पानी बहने से कई घंटों तक यातायात बाधित रहा। प्रशासन ने लाउडस्पीकर से मुनादी कराकर लोगों को सतर्क किया है और प्रभावितों के लिए मंगल भवन व यादव धर्मशाला में ठहरने की व्यवस्था की है। अंचल के सिधौरी, बरोड़ा, श्यामनगर, तर्रा, पथर्रा, कौंदकेरा, पोखरा सहित दर्जनों गांवों के खेत जलमग्न हो गए हैं। लगातार जलभराव से किसान निंदानाशक दवाइयों का छिडक़ाव नहीं कर पा रहे हैं।