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Janjgir News: 72 घंटे बाद का इंतजार खत्म, हसदेव में मिले तीनों छात्रों के शव, अपनों को देख फूट-फूटकर रो पड़े लोग

Hasdeo River Accident: हसदेव नदी हादसे में 72 घंटे बाद तीनों लापता छात्रों के शव बरामद हुए। शव मिलते ही नदी किनारे मौजूद परिजन अपनों को देखकर फूट-फूटकर रो पड़े।
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Janjgir River Accident

हसदेव नदी में मिले तीनों छात्रों के शव (Photo Patrika)

Janjgir River Accident: हसदेव नदी में तीन छात्रों के डूबने की घटना के बाद पिछले तीन दिनों से चल रहा सर्च ऑपरेशन आखिरकार पूरा हो गया। रेस्क्यू टीम ने नदी में लापता चल रहे तीनों छात्रों के शव बरामद कर लिए हैं। शव मिलने की खबर जैसे ही परिजनों तक पहुंची, नदी किनारे मातम पसर गया। तीन दिनों से अपनों के लौटने की उम्मीद में नदी किनारे डटे परिजन शव देखते ही फूट-फूटकर रो पड़े। बताया जा रहा है कि छात्र देवरी पिकनिक स्पॉट पहुंचे थे। इसी दौरान हसदेव नदी में हादसा हुआ और तीन छात्र पानी में बह गए थे। घटना के बाद से ही पुलिस, एसडीआरएफ और स्थानीय गोताखोरों की मदद से नदी में लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा था। नदी का बहाव और गहराई रेस्क्यू टीम के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई थी।

पिकनिक स्पॉट से कई किलोमीटर दूर चल रहा था सर्च ऑपरेशन

रेस्क्यू टीम लगातार देवरी पिकनिक स्पॉट के आसपास से लेकर नदी के आगे के हिस्से में छात्रों की तलाश कर रही थी। करीब 3 से 4 किलोमीटर दूर तक नदी के अलग-अलग हिस्सों में सर्च ऑपरेशन चलाया गया। पानी के तेज बहाव के कारण कई जगहों पर तलाश करना मुश्किल हो रहा था। इसी दौरान घटनास्थल के आसपास ही पत्थर के नीचे बने एक खोहरा में दो छात्रों के शव फंसे मिले। रेस्क्यू टीम ने काफी मशक्कत के बाद सचिन और मुरारी के शव को बाहर निकाला।

दूसरे दिन डेढ़ किलोमीटर दूर मिला था पवन का शव

इससे पहले सर्च ऑपरेशन के दूसरे दिन एक अन्य छात्र पवन का शव घटनास्थल से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर बरामद किया गया था। इसके बाद भी सचिन और मुरारी की तलाश जारी थी। रेस्क्यू टीम ने नदी के संभावित हिस्सों में सघन तलाशी अभियान चलाया। तीन दिन तक चले इस अभियान के बाद आखिरकार दोनों छात्रों के शव भी मिल गए। इसके साथ ही हादसे में लापता तीनों छात्रों की तलाश पूरी हो गई।

तीन दिन से नदी किनारे डटे थे परिजन

हादसे के बाद से छात्रों के परिजन लगातार नदी किनारे मौजूद थे। हर गुजरते घंटे के साथ उनकी चिंता बढ़ती जा रही थी। रेस्क्यू टीम जब भी नदी से बाहर आती, परिजन उम्मीद भरी नजरों से उनकी ओर देखते थे। तीन दिनों तक इसी इंतजार के बीच परिवार के लोग अपनों के सकुशल मिलने की आस लगाए बैठे रहे। लेकिन शुक्रवार को जब सचिन और मुरारी के शव मिलने की सूचना मिली तो मौके पर मौजूद परिजनों का धैर्य टूट गया। शवों को देखते ही परिजन बिलख पड़े। नदी किनारे चीख-पुकार और रोने की आवाजों से माहौल गमगीन हो गया।

तीन परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़

एक साथ तीन छात्रों की मौत की खबर से पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है। जिन परिवारों में कुछ दिन पहले तक बच्चों के साथ पिकनिक और खुशियों की बातें हो रही थीं, वहां अब मातम पसरा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना के बाद पुलिस ने शवों को अपने कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपे जाने की प्रक्रिया की जाएगी।

तीन दिन तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन

हसदेव नदी में छात्रों के डूबने की सूचना मिलते ही रेस्क्यू टीम ने अभियान शुरू किया था। नदी में तेज बहाव और पत्थरों के बीच तलाश करना चुनौतीपूर्ण था। इसके बावजूद टीम ने लगातार तीन दिनों तक अभियान जारी रखा। पहले पवन का शव मिला, जबकि सचिन और मुरारी की तलाश जारी रही। अब दोनों के शव भी पत्थर के नीचे बने खोहरा में मिलने के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा हो गया है। इस दर्दनाक हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है।