
टॉपिक ऑफ द डे
जांजगीर-चांपा. पत्रिका डॉट काम द्वारा आयोजित टॉपिक ऑफ द डे में कर्मचारी नेता व शिक्षक अर्जुन सिंह क्षत्री उपस्थित हुए। उन्होंने कर्मचारियों की परेशानी व शासन-प्रशासन की उपेक्षा को लेकर बड़ी बेबाकी से चर्चा की। उनका मानना रहा कि कर्मचारियों की हित के लिए वे अपनी संगठन के साथ हरदम मुस्तैद हैं और सभी लड़ाई पूरी हक के साथ लड़ेंगे। कर्मचारियों की अपेक्षाओं पर शासन खरा नहीं उतर रही है।
कर्मचारी नेता क्षत्री ने बताया कि किस तरह शासन कर्मचारियों का शोषण कर रही है। खासकर शिक्षकों को तो स्कूलों में बच्चों को पढ़ाने के साथ शासन की दर्जनों योजनाओं में सहयोग करना पड़ता है। इस कारण स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है और शासन से रिजल्ट खराब आने पर विपरीत टिप्पणियों का सामना करना पड़ता है। साथ ही पालकों के कोपभाजन का भी शिकार होना पड़ता है।
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उन्होंने सरकारी स्कूलों की दिन ब दिन खराब होती स्थिति के लिए शासन के इस गैर जिम्मेदार रवैया को कारण माना है। उनका कहना रहा कि जब सुप्रीम कोर्ट से शिक्षकों से केवल पढ़ाई कराने का काम लेने कहा गया है, फिर भी शासन शिक्षकों की ड्यूटी किसी भी कार्यक्रम व योजनाओं की मानिटरिंग में लगा देती है। इससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होना स्वाभाविक है। क्षत्री स्वयं शिक्षक हैं और दोपहर 12 बजे से तीन बजे तक नियमित स्कूल में बच्चों को शिक्षा प्रदान करते हैं। कर्मचारियों की समस्याओं के लिए वे दोपहर तीन बजे के बाद का समय निर्धारित किए हैं। इसके बाद ही किसी कर्मचारी की समस्या लेकर अधिकारियों के पास जाते हैं और समाधान का प्रयास कराते हैं।
उन्होंने बताया कि कर्मचारी कार्यालयों में अपने काम के लिए सबसे ज्यादा संघर्ष करते हैं। विभिन्न सरकारी कार्यालयों में व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर नाजारगी जाहिर करते हुए बताया कि बिना चढ़ावा दिए कर्मचारियों का काम नहीं होता। इसके लिए उनका संगठन लगातार प्रयास करता है कि किसी कर्मचारी को परेशान ना होना पड़े। साथ ही कार्यालयों में समय के साथ भ्रष्टाचार में कमी होने की बात भी कही।
संयम बरतें पालक
वर्तमान में परीक्षाओं का दौर शुरू हो गया है। बच्चों से पालकों की बड़ी अपेक्षाएं होती हैं कि वे अच्छे अंक लाएं। इसके लिए पालक दिन रात मेहनत करते हैं, लेकिन थोड़ी सी हड़बड़ाहट में बच्चों को भी तनाव में ले आते हैं। इसके लिए सबसे जरुरी बात उन्होंने बताया कि पालक ही किसी तरह से तनाव में ना आएं जिससे बच्चे भी तनाव से दूर रहेंगे। घर का माहौल शांत व व्यवस्थित रखने की कोशिश होनी चाहिए। पालक पूरी तरह संयम बरतते हुए बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान दें, जिससे वे परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन कर सके।