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जांजगीर जेल में बंद आरोपी ने बाथरूम में लगाई फांसी, कपड़े के फंदे से लटका मिला शव

Prisoner Suicide Case: जांजगीर-चांपा की जिला जेल खोखरा में नाबालिग से यौन उत्पीड़न के आरोपी बंदी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। एक दिन पहले ही उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया था।

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Janjgir jail suicide

जेल में बंद आरोपी ने लगाई फांसी (photo source- Patrika)

Janjgir jail suicide: जांजगीर-चांपा जिले की जिला जेल खोखरा से मंगलवार सुबह एक सनसनीखेज मामला सामने आया, जहां नाबालिग से यौन उत्पीड़न और अपहरण के आरोप में गिरफ्तार एक बंदी ने जेल के भीतर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद जेल प्रशासन, पुलिस विभाग और जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया। आरोपी को एक दिन पहले ही न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया था।

मृतक की पहचान दुवास केवट के रूप में हुई है, जिसे बलौदा थाना पुलिस ने नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में गिरफ्तार किया था। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मंगलवार सुबह जेल के बाथरूम में उसका शव कपड़े के फंदे से लटका मिला। घटना की सूचना मिलते ही जेल प्रशासन ने पुलिस को जानकारी दी, जिसके बाद अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की गई।

Janjgir jail suicide: बाथरूम में फंदे से लटका मिला शव

जानकारी के मुताबिक, मंगलवार सुबह जब जेल के भीतर नियमित गतिविधियां शुरू हुईं, तब बंदी काफी देर तक नजर नहीं आया। इसके बाद जेल कर्मचारियों ने तलाश शुरू की। इसी दौरान बाथरूम के अंदर उसका शव कपड़े के सहारे फंदे पर लटका मिला। घटना सामने आते ही जेल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जेल प्रशासन ने तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी। पुलिस और प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। फिलहाल आत्महत्या के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल पाया है।

एक दिन पहले ही भेजा गया था जेल

पुलिस के अनुसार, दुवास केवट को बलौदा थाना क्षेत्र में दर्ज नाबालिग अपहरण और यौन उत्पीड़न के मामले में गिरफ्तार किया गया था। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे 8 जून को न्यायिक रिमांड पर जिला जेल खोखरा भेजा गया था।

बताया जा रहा है कि जेल में दाखिल होने के बाद आरोपी सामान्य स्थिति में था, लेकिन अगले ही दिन उसके आत्महत्या करने की खबर सामने आई। इससे जेल प्रबंधन की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े होने लगे हैं।

जेल प्रशासन और पुलिस जांच में जुटी

घटना के बाद पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच की जा रही है। जेल के अंदर मौजूद अन्य बंदियों और कर्मचारियों से भी पूछताछ की जा रही है। यह भी जांच की जा रही है कि आरोपी के पास फंदा बनाने के लिए कपड़ा कैसे पहुंचा और उसने यह कदम कब उठाया। साथ ही जेल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है ताकि घटना की पूरी स्थिति स्पष्ट हो सके।

Janjgir jail suicide: सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

जेल के भीतर बंदी द्वारा आत्महत्या किए जाने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आमतौर पर नए बंदियों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश होते हैं, खासकर उन मामलों में जहां आरोपी मानसिक दबाव में हो सकता है। ऐसे में एक दिन के भीतर आरोपी द्वारा आत्महत्या कर लेना जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है। स्थानीय लोगों और परिजनों के बीच भी घटना को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

पहले भी सामने आ चुके हैं जेलों में आत्महत्या के मामले

बता दें कि पिछले कुछ वर्षों में जेलों के भीतर बंदियों द्वारा आत्महत्या के मामले सामने आते रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, न्यायिक हिरासत में रहने वाले कई आरोपी मानसिक तनाव, सामाजिक दबाव और कानूनी डर के कारण अवसाद में चले जाते हैं।

जेल मैनुअल के तहत नए बंदियों की काउंसलिंग, मेडिकल जांच और नियमित निगरानी का प्रावधान है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। हालांकि कई मामलों में निगरानी की कमी और सुरक्षा चूक के आरोप भी लगते रहे हैं। जांजगीर की इस घटना के बाद एक बार फिर जेलों में बंदियों की सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य को लेकर बहस तेज होने की संभावना है।

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