जांजगीर चंपा

प्रतिवेदन में गड़बड़ी होना उजागर के बाद भी कार्रवाई में जनपद सीईओ के कांप रहे हाथ, पढि़ए क्या है माजरा…

- मामले में जांच के आदेश प्रधानमंत्री कार्यालय से जारी हुआ है, जिस पर अधिकारियों की लापरवाही समझ से परे है।
2 min read
प्रतिवेदन में गड़बड़ी होना उजागर के बाद भी कार्रवाई में जनपद सीईओ के कांप रहे हाथ, पढि़ए क्या है माजरा...

मालखरौदा. विकासखंड अंतर्गत ग्राम झर्रा एवं उसके आश्रित ग्राम तौवली पाली में स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय निर्माण को लेकर फर्जीवाड़ा की शिकायत के बाद जांच हुई, जिसका प्रतिवेदन भी जमा हुआ, लेकिन सीईओ किसी तरह की जांच से ही इंकार कर रहे हैं। इससे शौचालय निर्माण में घालमेल में अधिकारियों की संलिप्तता स्पष्ट उजागर हो रही है। मजे की बात यह है कि मामले में जांच के आदेश प्रधानमंत्री कार्यालय से जारी हुआ है, जिस पर अधिकारियों की लापरवाही समझ से परे है।

ग्राम झर्रा एवं उसके आश्रित ग्राम तौवली पाली में स्वच्छ भारत मिशन के तहत 469 शौचालय निर्माण होना था, लेकिन गांव के शीतल बाई तथा दीनदयाल ने शौचालय निर्माण में फर्जीवाड़ा किए जाने की बात कहते हुए शिकायत किया था। शिकायत के आधार पर जनपद सीईओ ने टीम गठित कर जांच के लिए करारोपण अधिकारी रत्थूलाल डनसेना तथा रामरतन पटेल को झर्रा भेजकर जांच कराया।

Read More : प्यार करने वालों पर पुलिस का पहरा यहां वेलेंटाइन डे पर छाई रही वीरानी

27 जून 2017 को दोनों अधिकारियों ने जांच किया तथा जांच पश्चात प्रतिवेदन 19 जुलाई को जनपद सीईओ के पास जमा किया, जिसमें उन्होंने अपना अभिमत प्रस्तुत किया था। इसके तहत ग्राम में कुल 469 शौचालय बना था, जिसमें से 37 शौचालय अपूर्ण है, जबकि 50 शौचालय ऐसे हैं, जिनका निर्माण नही हुआ है। प्रतिवेदन में गड़बड़ी होना उजागर होने के बाद भी जनपद सीईओ ने कोई कार्यवाही नहीं किया। लाखों रुपए डकारने वाले सरपंच खुले घुम रहे हैं। आखिर जनपद सीईओ जांच प्रतिवेदन के बाद भी गड़बड़ी उजागर होने पर भी कार्रवाई से क्यों पीछे भाग रहे हैं, यह सोचनीय विषय है।

पीएमओ कार्यालय तक शिकायत
झर्रा ग्राम में शौचालय निर्माण में गड़बड़ी होने की बात कहते हुए शिकायतकर्ता शीतलबाई तथा दीनदयाल ने पहले स्थानीय स्तर पर शिकायत किया। शिकायत पर कार्रवाई नहीं होते देख उन्होंने इसकी शिकायत प्रधानमंत्री कार्यालय में भेजी, जहां से जांच के लिए कलेक्टर के पास पत्र भेजा गया। कलेक्टर ने सीईओ को शिकायत की जांच करने कहा। इसी आधार पर ग्राम पंचायत झर्रा व आश्रित ग्राम तवली पाली में जांच दल भेजकर वास्तविक स्थिति जानी गई, लेकिन जांच अधिकारियों के प्रतिवेदन को सीईओ ने कूड़े के ढेर में फेंक दिया। पीएमओ कार्यालय के आदेश पर लापरवाही लोगों के समझ से परे है।

दर्जनों शिकायत लंबित
जिले में शौचालय निर्माण को लेकर गड़बड़ी के दर्जनों शिकायत अधिकारियों के समक्ष लंबित हैं। इन शिकायतों पर कार्रवाई करना तो दूर जांच के नाम पर लीपापोती करने की भी कई शिकायतें हैं। सूत्रों का यहां तक कहना है कि जिस मामले में ज्यादा शिकायतें हो रही है, वहां का मामला एसडीएम के पास भेज दिया गया है और शिकायतकर्ताओं को मामला न्यायालय में लंबित होने की बात कही जा रही है। इससे शिकायतकर्ताओं के भी हाथ बंध गए हैं। वहीं शासन के प्रावधानों के तहत शिकायतों पर जांच करने अधिकारी पीछे हट रहे हैं, जिससे गड़बड़ करने वाले अधिकारी व जनप्रतिनिधियों पर सीधी कार्रवाई का प्रावधान है।

Published on:
15 Feb 2018 01:00 pm
Also Read
View All
क्या छत्तीसगढ़ बन रहा है गड्ढों का प्रदेश? जर्जर सड़कों से परेशान ग्रामीणों ने खोला मोर्चा, अर्जुनी में अनिश्चितकालीन धरना शुरू

Chhattisgarh Government Jobs: 10 पद, 5 हजार आवेदन और 3 साल का इंतजार… फिर क्यों निरस्त हो गई औषधालय सेवक भर्ती?

बेटी के सामने माता-पिता ने तोड़ा दम, जांजगीर-चांपा में दर्दनाक हादसे से उजड़ा परिवार, जानें कैसे हुआ हादसा

Swine Flu Case: एक मौत के बाद दूसरा पॉजिटिव केस, जांजगीर-चांपा में स्वाइन फ्लू को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

Cyber Safety Tips: अनिरुद्धाचार्य का साइबर ठगी पर प्रहार, जांजगीर के धार्मिक समागम में हजारों श्रद्धालुओं को फ्रॉड से बचने की दी सीख