जिला अस्पताल में बढ़ रहे मरीजों की संख्या
जाजंगीर-चांपा. भीषण गर्मी व दूषित पानी से रोजाना जिला चिकित्सा में मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। मुख्यालय सहित अन्य शहरों में अप्रैल माह के पहले सप्ताह से ही तापमान बढऩे से लोगों भीषण गर्मी के प्रकोप से बचने के लिए लोग तरह-तरह के उपाय किए जा रहे है।
वहीं पीने के लिए पेयजल की संकट ने लोगों को टैंकरों के भरोसे रहना पड़ता है। शहर में तो जैसे-तैसे लोगों को टैंकरों से पीने के लिए पानी पर निर्भर रहना पड़ता है, लेकिन ग्रामीणी क्षेत्र में तो हैंडपंप के भरोसे रहना पड़ता है। ग्रामीणी क्षेत्र के हैंडपंप से कई जगह पीने के पानी लाल व मटमैला युक्त निकल रहा है। ऐसे में लोग दूषित पानी पीकर बीमार हो रहे है।
रोजाना तापमान में बढ़ोतरी होने से लोगों को घर से निकलने मेें परेशानी हो रही है। घर से निकलने से पहले टोपी, गमछा, चश्मा का सहारा ले रहे है। डॉ. शंशाक साव ने बताया कि घर से निकले तो गमछा, टोपी, चश्मा पहनकर निकले। गर्मी से बचने के लिए धूप में निकलना पड़े तो अपनी जेब में प्याज या फिर लसून का एक पीस पकड़कर निकलने से लू से बचा जा सकता है।
दोपहर में तेज धूप व गर्म हवा का असर लोगों की सेहत पर पडऩे लगा है। वहीं शहर में व्यापक साफ- सफाई के अभाव में मच्छर, मक्खी का प्रकोप बढऩे लगा है। ऐसे में उल्टी दस्त, बुखार जैसी अन्य बीमारियां तेजी से फैल रही है।
खुले में बिक रही खाद्य सामाग्री
शहर व गांवों में खाने की चीजें खुली जगहों में धड़ल्ले से बेची जा रही है। दुकान, ठेला संचालकों द्वारा स्वच्छता पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। खुले में बिकने वाली चीजों में मक्खियां भिनभिनाती है। खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा खाद्य पदार्थो की जांच नियमित नहीं किए जाने से जगह-जगह असुरक्षित तरीके से फल, सब्जियां व अन्य खाने पीने की चीजें बेची जा रही है। कार्रवाई नहीं होने से होटल व ठेला संचालक बेखौफ हैं। बताया जा रहा है कि खुले में रखे खाद्य सामाग्री के कारण ही लोगों के स्वास्थ्य पर विपरित असर पड़ रहा है।