जांजगीर चंपा

एक दर्जन देशी शराब दुकानों में लटक गया ताला, वजह जानकर आप हो जाएंगे हैरान, पढि़ए पूरी खबर…

- भटक रहे मदिरा प्रेमी, जहां स्टॉक वहां हो रहा सिर फुटौवल
2 min read
एक दर्जन देशी शराब दुकानों में लटक गया ताला, वजह जानकर आप हो जाएंगे हैरान, पढि़ए पूरी खबर...
एक दर्जन देशी शराब दुकानों में लटक गया ताला, वजह जानकर आप हो जाएंगे हैरान, पढि़ए पूरी खबर...

जांजगीर-चांपा. विधानसभा चुनाव के चलते जिले के शराब दुकानों को तीन दिन के लिए बंद कर दिया गया था। तीन दिन बाद जब बुधवार की सुबह शराब दुकान खुली तो मदिरा प्रेमियों की भीड़ एकबारगी दुकानों में टूट पड़ी। दुकानों में इतनी शराब की बिक्री हुई कि पूरा का पूरा स्टॉक ही खत्म हो गया। इसके चलते जिला मुख्यालय सहित जिले के एक दर्जन शराब दुकानों में ताला लटका हुआ है। जिला आबकारी अधिकारी का कहना है कि अभी सप्ताह भर ऐसी ही स्थिति रहेगी। फिर बाद में सप्लाई हो सकती है।

विधानसभा चुनाव में शराब की वजह से किसी तरह विवाद की स्थिति निर्मित न हो जिसे देखते हुए प्रशासन ने तीन दिन के लिए शराब दुकान को बंद कर दिया था। जिले के 72 देशी एवं अंग्रेजी शराब दुकानों को सील कर दिया गया था। ताकि ब्लेक में भी इसकी बिक्री न की जा सके। तीन दिन बाद जब शराब दुकान खुली तो मदिरा प्रेमियों का तांता लग गया। लोग लाइन लगाकर शराब खरीदते देखे गए। इतना ही नहीं शराब दुकान के आसपास के चखना सेंटरों में भी बेतहासा भीड़ देखी गई। हालांकि जिले के शराब दुकानों में शराब का सीमित स्टॉक था जो बुधवार को ही चट हो गया।

Read More : निहारिका स्थित मदिरा दुकान में मदिरा प्रेमियों का ऐसा उमड़ा हुजूम
बताया जा रहा है कि जिले के एक दर्जन दुकानों में शराब का स्टॉक खत्म होने के बाद यहां ताला लटका हुआ है। लोग दूर दराज के गांवों से शराब मंगा रहे हैं। इसके बाद भी उन्हें शराब नहीं मिल पा रहा है। इसकी दूसरी वजह यह बताया जा रहा है कि बिलासपुर के डिसलरी इन दिनों बंद कर दिया गया है। क्योंकि कंपनी को पर्यावरण विभाग से अनुमति नहीं मिल पाई है। इसके चलते कंपनी बंद है। जिसका असर जिले के देशी दुकानों में पड़ रहा है।

अंग्रेजी का स्टॉक भी सीमित
शासकीय शराब दुकान में बुधवार को एक ही दिन में लाखों का व्यापार होना बताया जा रहा है। विभागीय सूत्रों का कहना है कि तीन दिन बंद के दौरान जितनी राजस्व की आवक होती है उसकी भरपाई एक ही दिन कर ली गई। जबकि दुकानों में शराब की सीमित स्टॉक माना जा रहा है। देशी का स्टॉक तो खत्म हो गया। इसके कारण लोग अंग्रेजी शराब की दुकानों में जा रहे हैं, लेकिन अंग्रेजी शराब के पाव व अद्धी का स्टॉक नहीं है। उन्हें केवल बंफर ही मिल रहा है। लोगों को मजबूरन बंफर खरीदना पड़ रहा है। इससे उन्हें दो की जगह आठ सौ रुपए गंवाना पड़ रहा है।

Published on:
22 Nov 2018 12:54 pm