
Panchayat Fund Irregularity: जांजगीर-चांपा जिले की सलनी ग्राम पंचायत में बिना काम कराए 16.76 लाख रुपए की राशि निकाले जाने का मामला सामने आया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी वासु जैन ने पंचायत के पूर्व सरपंच को नोटिस जारी किया है। उनसे तीन दिन के भीतर पूरे मामले में जवाब मांगा गया है। जिला पंचायत सीईओ ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर संबंधित राशि की वसूली की कार्रवाई की जाएगी। इससे पंचायत स्तर पर कराए गए कार्यों और सरकारी राशि के उपयोग को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
बिना काम कराए राशि निकालने का आरोप
मामला सलनी ग्राम पंचायत में कराए जाने वाले विभिन्न विकास कार्यों से जुड़ा बताया जा रहा है। आरोप है कि जिन कार्यों के लिए सरकारी राशि जारी की गई और भुगतान किया गया, उनमें से कुछ कार्य मौके पर कराए ही नहीं गए। इसके बावजूद 16.76 लाख रुपए की राशि निकाल ली गई। मामला सामने आने के बाद पंचायत स्तर पर खर्च की गई राशि और संबंधित कार्यों की स्थिति को लेकर जांच की गई। जांच के आधार पर पूर्व सरपंच से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
तीन दिन में मांगा गया जवाब
जिला पंचायत सीईओ वासु जैन की ओर से जारी नोटिस में पूर्व सरपंच को तीन दिन के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। उनसे यह स्पष्ट करने को कहा गया है कि जिन कार्यों के नाम पर राशि खर्च की गई, उनका वास्तविक स्थिति क्या है और राशि की निकासी किस आधार पर की गई। नोटिस में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो होगी वसूली
प्रशासन ने मामले में सरकारी राशि की वसूली की संभावना भी जताई है। यदि पूर्व सरपंच की ओर से प्रस्तुत जवाब संतोषजनक नहीं पाया जाता है या राशि के उपयोग को लेकर उचित दस्तावेज और स्पष्टीकरण नहीं दिया जाता है, तो 16.76 लाख रुपए की राशि की वसूली की कार्रवाई की जा सकती है। इस कार्रवाई के बाद पंचायतों में विकास कार्यों के नाम पर जारी होने वाली सरकारी राशि और उसके उपयोग की निगरानी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
पंचायत स्तर पर खर्च की जांच जरूरी
ग्राम पंचायतों में सड़क, नाली, भवन, पानी और अन्य विकास कार्यों के लिए सरकारी राशि जारी की जाती है। इन कार्यों में राशि खर्च होने के बाद मौके पर काम हुआ या नहीं, इसकी निगरानी प्रशासनिक स्तर पर की जाती है। सलनी पंचायत में सामने आए इस मामले ने एक बार फिर पंचायतों में विकास कार्यों के लिए जारी राशि के उपयोग और काम की गुणवत्ता की जांच की जरूरत को सामने ला दिया है। अब पूर्व सरपंच के जवाब के बाद ही स्पष्ट होगा कि 16.76 लाख रुपए की राशि किन कार्यों के लिए निकाली गई और उन कार्यों की वास्तविक स्थिति क्या है।
प्रशासन की अगली कार्रवाई जवाब पर निर्भर
फिलहाल जिला पंचायत सीईओ ने पूर्व सरपंच को जवाब देने के लिए तीन दिन का समय दिया है। प्रशासन की अगली कार्रवाई पूर्व सरपंच द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले जवाब और उपलब्ध दस्तावेजों की जांच के बाद तय होगी।