जांजगीर चंपा

मरीजों की बढ़ी मुसीबत, लाखों की सोनोग्राफी मशीन से नहीं नियमित सुविधा….भटक रहे लोग

Chhattisgarh News: जांजगीर चांपा जिले के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में सप्ताह भर में केवल एक दिन बुधवार को ही सोनाग्राफी हो रही है। एक दिन जांच होने के बावजूद महिलाओं को घंटो इंतजार कराया जा रहा है। बुधवार को दोपहर 12 बजे तक 40 महिलाएं पहुंच गई थी पर डॉक्टर नहीं पहुंचे थे।
3 min read
government_hospital_in_janjgir_champa_1.jpg

Health Alert: जांजगीर चांपा जिले के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में सप्ताह भर में केवल एक दिन बुधवार को ही सोनाग्राफी हो रही है। एक दिन जांच होने के बावजूद महिलाओं को घंटो इंतजार कराया जा रहा है। बुधवार को दोपहर 12 बजे तक 40 महिलाएं पहुंच गई थी पर डॉक्टर नहीं पहुंचे थे।

सोनोग्राफी सेंटर के बाहर महिलाओं की लंबी कतार लगी हुई थी। सबसे बड़ी बात यह है कि जिला अस्पताल में महीनों से यह सुविधा नहीं होने के बावजूद जिम्मेदारों को कोई नहीं सरोकार नहीं है। पूरे जिले भर के गरीब तबके की महिलाएं भटकने या प्राइवेट सेंटर में 900 से 1000 देकर सोनोग्राफी कराने मजबूर हो रही हैं। माने जिला अस्पताल में नि:शुल्क सोनोग्राफी की सुविधा जरूरतमंद को नहीं मिल पा रही हैं।

बता दें कि जिला अस्पताल में हर रोज काफी लोग सोनाग्राफी के लिए आते हैं, खासकर गर्भवती महिलाएं। जिन्हें समय-समय पर गर्भ में पल रहे भ्रूण की जांच के लिए सोनोग्राफी कराना जरूरी रहता है। अब तक सप्ताह में छुट्टी के दिनों को छोड़कर सभी दिन सोनाग्राफी होती थी, लेकिन जिला अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट के नौकरी छोड़ देने के बाद से स्थिति बिगड़ गई है। कई बार तो मरीजों को बिना सोनोग्राफी के ही वापस लौटना पड़ रहा या फिर बाहर प्राइवेट सेंटर से सोनाग्राफी करवाना पड़ रहा है। दोनों ही दशाओं में मरीजों का खर्च बढ़ता और दिक्कतों का भी सामना करना पड़ रहा। इसका कारण यह है कि जिला अस्पताल में सोनोग्राफी के लिए केवल डॉक्टर ही नहीं है। एक दिन सोनाग्राफी करने के लिए नवागढ़ बीएमओ को जिला अस्पताल बुलाया जाता है। वे सोनोग्राफी करने में पूरा समय नहीं दे पाते।

उनके अतिरिक्त कोई अन्य चिकित्सक नहीं होने के कारण सप्ताह में केवल एक दिन ही सोनाग्राफी करने का निर्णय लिया गया है। नवागढ़ बीएमओ सोनोग्राफी करने जिला अस्पताल केवल एक दिन पहुंचते हैं। वे भी अपने मनमर्जी हिसाब से पहुंचते हैं। इस पर जिला अस्पताल या स्वास्थ्य विभाग का कोई कंट्रोल नहीं है। बुधवार को गर्भवती महिलाएं बड़ी संख्या में सुबह 8 बजे से ही जिला अस्पताल पहुंच गई थी। दोपहर 12 बजे तक इंतजार करते रहे। इसमें कई इमरजेंसी वाले जिला अस्पताल से लौटकर प्राइवेट की ओर रूख करने लगे। 12 बजे तक 40 मरीजों का रजिस्ट्रेशन हो गया था। इसके बाद दरवाजा बंद कर दिया गया। नवागढ़ बीएमओ ठीक 12 बजे पहुंचे। फिर सोनोग्राफी करना शुरू किए। तब तक महिलाएं सोनाग्राफी कराने घंटो लाइन में खड़ी रहीं।

प्राइवेट सेंटर में 1000 में जांच कराने मजबूर

जिला अस्पताल में सोनोग्राफी के लिए महिलाओं को एक हफ्ते तक इंतजार करना पड़ रहा है। गर्भवती महिलाओं से लेकर पेट की तकलीफ वाले मरीजों को इसके कारण परेशानी हो रहे है। इमरजेंसी केस वाले मरीज प्राइवेट सेंटरों पर 800-1000 रुपए देकर सोनोग्राफी कराने को मजबूर हैं। बुधवार को सोनोग्राफी कराने के लिए जिला अस्पताल में 40 से ज्यादा महिला व पुरुष पहुंचे थे। इसके बाद पहुंचे मरीजों को लौटना पड़ा।

सोनाग्राफी सुविधा नहीं का चस्पा बोर्ड

जिला अस्पताल में जगह-जगह लोगों को सूचना देने के लिए नोटिस भी बोर्ड पर भी चस्पा कर दिया गया है, ताकि लोग केवल 1 दिन में ही निर्धारित समय पर पहुंचकर अपना सोनोग्राफी करवाएं। इसमें जिला अस्पताल पहुंचने वाले मरीज बोर्ड को देखकर बैरंग लौट जाते हैं। बोर्ड में बुधवार को सोनोग्राफी की सुविधा की जगह सोनाग्राफी सुविधा नहीं लिखा गया है।

अस्पताल प्रबंधक को नहीं कोई सरोकार

सिविल सर्जन की अनुपस्थिति में भी अस्पताल प्रबंधक अंकित ताम्रकर को जिला अस्पताल में मरीजों की सुविधा को लेकर कोई मतलब नहीं रहता। वे बस अपने चेम्बर में बैठकर ड्यूटी बजा रहे हैं। बुधवार को 12 बजे सोनाग्राफी सेंटर के सामने गर्भवती महिलाएं व पेट दर्द से तकलीफ वाले मरीजों की कतार लगी हुई थी। ओपीडी टाइम 9 बजे लेकिन डॉक्टर 12 बजे तक नहीं पहुंचे थे। इस संबंध में अस्पताल प्रबंधक से जानकारी ली गई तो उनका कहना रहा कि डॉक्टर तो पहुंच गए होंगे। बाद में अपने एक असिस्टेंट को भेजा तो पता चला कि डॉक्टर नहीं पहुंचे हैं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि वे अपने ड्यूटी को लेकर कितने गंभीर है।

सोनोग्राफी के लिए जिला अस्पताल में डॉक्टर नहीं है। ऐसे में नवागढ़ बीएमओ को एक दिन सोनोग्राफी के लिए बुलाया जा रहा है। समय में नहीं पहुंच रहे हैं, इसकी जानकारी नहीं है। समय में पहुंचने के लिए निर्देशित किया जाएगा। - डॉ. अनिल जगत, सिविल सर्जन जिला अस्पताल

Published on:
07 Dec 2023 03:31 pm
Also Read
View All
Shehnaz Akhtar Live Performance: जांजगीर में 16 अक्टूबर को सजेगी भक्ति की शाम, शहनाज अख्तर की भजन संध्या में झूमेंगे श्रद्धालु

CG Strike: जांजगीर में पटवारियों की हड़ताल में भक्ति का माहौल, नामांतरण और सीमांकन के लिए भटक रहे लोग

Supreme Court Notice: जांजगीर में एक करोड़ की मानहानि याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, तत्कालीन एसडीएम इंद्रजीत बर्मन समेत तीन को नोटिस

Breaking: CM साय के दौरे से पहले कांग्रेस नेताओं पर पुलिस की कार्रवाई, 4 जिला पंचायत सदस्य हाउस अरेस्ट, जानें वजह

Chhattisgarh News: बच्चों के भविष्य से खिलवाड़! 18 निजी स्कूलों ने अब तक नहीं उठाईं सरकारी किताबें, जानें वजह