
पटवारियों की अनिश्चिकालीन हड़ताल (Photo Patrika)
Patwari Strike: छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में राजस्व पटवारी संघ की अनिश्चितकालीन हड़ताल के बीच केरा रोड स्थित कर्मचारी भवन में इन दिनों माता रानी के भजन-कीर्तन गूंज रहे हैं। हड़ताल स्थल पर एक ओर भक्ति और धार्मिक माहौल नजर आ रहा है, तो दूसरी ओर राजस्व संबंधी कामकाज प्रभावित होने से आम लोगों की परेशानियां बढ़ती जा रही हैं। जमीन से जुड़े जरूरी काम कराने के लिए कार्यालय पहुंच रहे लोगों को निराश होकर लौटना पड़ रहा है या फिर काम पूरा होने के इंतजार में चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
राजस्व पटवारी संघ जिला जांजगीर-चांपा के बैनर तले पटवारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। हड़ताल के दौरान केरा रोड स्थित कर्मचारी भवन में माता रानी के भजन गूंज रहे हैं। कर्मचारी भवन में भजन-कीर्तन के जरिए धार्मिक माहौल बना हुआ है। हड़ताल में शामिल पटवारी अपनी मांगों को लेकर डटे हुए हैं। हालांकि, इस बीच राजस्व विभाग से जुड़े कामकाज प्रभावित होने का असर आम नागरिकों पर पड़ रहा है।
पटवारियों की हड़ताल का असर जमीन संबंधी कामों पर दिखाई दे रहा है। नामांतरण, सीमांकन और अन्य राजस्व प्रकरणों से जुड़े काम कराने के लिए लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इन कार्यों के लिए पटवारी स्तर पर जरूरी जानकारी, रिपोर्ट और प्रक्रियाएं पूरी करनी होती हैं। ऐसे में हड़ताल के चलते संबंधित काम आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं। जमीन की खरीद-बिक्री के बाद नामांतरण, भूमि की सीमाओं का निर्धारण और राजस्व रिकॉर्ड से जुड़े कार्य कई लोगों के लिए जरूरी होते हैं। समय पर काम नहीं होने से लोगों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ सकते हैं। खासकर उन लोगों की परेशानी बढ़ जाती है, जिन्हें जमीन संबंधी दस्तावेज किसी तय समय-सीमा में तैयार कराने होते हैं।
हड़ताल के कारण राजस्व कार्यालयों में कामकाज प्रभावित होने से आम लोगों की मुश्किलें बढ़ रही हैं। एक तरफ कर्मचारी भवन में भजन-कीर्तन का माहौल है, वहीं दूसरी तरफ अपने जरूरी कामों के लिए कार्यालय पहुंचने वाले लोग इंतजार करने को मजबूर हैं। हड़ताल कितने समय तक जारी रहेगी और राजस्व संबंधी कामकाज कब सामान्य होंगे, इसे लेकर लोगों को राहत का इंतजार है। फिलहाल पटवारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के चलते जिले में राजस्व संबंधी कार्य प्रभावित हो रहे हैं। जब तक हड़ताल समाप्त नहीं होती और कामकाज सामान्य नहीं होता, तब तक जमीन संबंधी प्रकरणों के निराकरण में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
Updated on:
15 Oct 2026 01:04 pm
Published on:
15 Oct 2026 01:04 pm
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