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छत्तीसगढ़ में बैंक हड़ताल का व्यापक असर, रायपुर से बिलासपुर तक सड़कों पर उतरे हजारों बैंककर्मी

Raipur Bank Strike: छत्तीसगढ़ में 11 सितंबर की बैंक हड़ताल का व्यापक असर रहा। रायपुर, दुर्ग-भिलाई, बिलासपुर समेत कई शहरों में हजारों बैंककर्मियों ने 5 डे वर्किंग की मांग पर प्रदर्शन किया।
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Chhattisgarh Bank Strike

बैंककर्मियों का बड़ा आंदोलन (Photo Source- Patrika)

Chhattisgarh Bank Strike: छत्तीसगढ़ में 11 सितंबर 2026 को आयोजित अखिल भारतीय बैंक हड़ताल का व्यापक असर देखने को मिला। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) के आह्वान पर हुई इस राष्ट्रव्यापी हड़ताल में प्रदेशभर के बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया। हड़ताल के चलते सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों, पुराने निजी क्षेत्र के बैंकों और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों की बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रहीं।

UFBU नेताओं ने छत्तीसगढ़ में हड़ताल को पूरी तरह सफल बताते हुए कहा कि कर्मचारियों और अधिकारियों ने पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह की मांग को लेकर अपनी एकजुटता दिखाई है। राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के कई प्रमुख शहरों में बैंक कर्मचारियों ने रैली निकालकर प्रदर्शन किया और सरकार से लंबे समय से लंबित मांग पर जल्द निर्णय लेने की मांग की।

UFBU bank strike: रायपुर में 1500 से ज्यादा बैंककर्मी जुटे

राजधानी रायपुर में बैंक हड़ताल के दौरान करीब 1500 बैंक कर्मचारी और अधिकारी मोतीबाग चौक पर एकत्र हुए। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिला बैंक कर्मचारी भी शामिल हुईं। कर्मचारियों ने पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू करने की मांग को लेकर जोरदार नारेबाजी की। मोतीबाग चौक पर हुआ प्रदर्शन तीन घंटे से ज्यादा समय तक चला। इस दौरान कर्मचारियों ने कहा कि पांच दिन का बैंकिंग सप्ताह लागू करने की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन इस पर अब तक ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।

दुर्ग-भिलाई और बिलासपुर में भी बड़ा प्रदर्शन

रायपुर के अलावा दुर्ग-भिलाई में भी बैंक कर्मचारियों ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया। यहां 700 से अधिक बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों ने विशाल रैली निकालकर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की। वहीं बिलासपुर में 600 से अधिक बैंककर्मी प्रदर्शन में शामिल हुए। प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी बैंक यूनियनों की ओर से रैलियां और प्रदर्शन किए गए। जगदलपुर, दंतेवाड़ा, कोंडागांव, धमतरी, बालोद, कांकेर, अंबिकापुर, कोरबा, रायगढ़, जशपुर, बलौदाबाजार और राजनांदगांव सहित कई शहरों में बैंक कर्मचारियों ने एकजुट होकर प्रदर्शन किया।

युवा और महिला कर्मचारियों की भी बड़ी भागीदारी

इस आंदोलन की एक खास बात युवा और महिला बैंक कर्मचारियों की उल्लेखनीय भागीदारी रही। प्रदर्शन में शामिल कर्मचारियों ने पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह की मांग में हो रही देरी पर नाराजगी जताई। UFBU नेताओं के मुताबिक, बैंक कर्मचारियों का मानना है कि सप्ताह में पांच दिन बैंकिंग व्यवस्था लागू होने से कर्मचारियों को बेहतर कार्य-जीवन संतुलन मिल सकता है। इसी मांग को लेकर कर्मचारी लंबे समय से सरकार और बैंक प्रबंधन से निर्णय लेने की मांग कर रहे हैं।

IBA पहले ही दे चुका है सहमति और अनुशंसा

बैंक यूनियनों का कहना है कि पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था को लेकर भारतीय बैंक संघ यानी IBA की ओर से दिसंबर 2023 और मार्च 2024 में औपचारिक सहमति एवं अनुशंसाएं की जा चुकी हैं। इसके बावजूद इस व्यवस्था को लागू करने की दिशा में अंतिम निर्णय नहीं होने से कर्मचारियों में असंतोष बढ़ रहा है। यूनियनों का आरोप है कि मांग पर लंबे समय से चर्चा होने के बावजूद इसे लागू करने में लगातार देरी की जा रही है। इसी के विरोध में राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल का आह्वान किया गया।

8-9 सितंबर को हुई सुलह वार्ता, नहीं बनी बात

हड़ताल से पहले 8 और 9 सितंबर 2026 को मुख्य श्रम आयुक्त और उप मुख्य श्रम आयुक्त की अध्यक्षता में सुलह-वार्ता भी हुई थी। इस बैठक में वित्त मंत्रालय के अधिकारी भी शामिल हुए। हालांकि, बैंक यूनियनों के मुताबिक वार्ता के दौरान पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने को लेकर सरकार की ओर से कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला। इसके चलते हड़ताल को टालने के लिए सहमति नहीं बन सकी। UFBU का कहना है कि सरकार और बैंक प्रबंधन के रवैये के कारण कर्मचारियों को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है।

Bilaspur Bank Strike: अब आगे और बड़ा आंदोलन करने की चेतावनी

11 सितंबर की हड़ताल के बाद भी अगर पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह की मांग पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो बैंक यूनियनों ने आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी दी है। UFBU के अनुसार, आगामी चरण में 28, 29 और 30 सितंबर 2026 को अखिल भारतीय बैंक हड़ताल प्रस्तावित है। इसके बाद 26 अक्टूबर 2026 से अनिश्चितकालीन अखिल भारतीय बैंक हड़ताल का भी ऐलान किया गया है।

बैंक ग्राहकों पर भी पड़ सकता है असर

लगातार हड़ताल की स्थिति में बैंकिंग सेवाओं पर इसका असर ग्राहकों पर भी पड़ सकता है। बैंक शाखाओं में होने वाले नियमित कामकाज के साथ-साथ नकद लेनदेन, चेक से जुड़े काम और अन्य शाखा आधारित सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। हालांकि डिजिटल बैंकिंग और ऑनलाइन लेनदेन जैसी सेवाएं अलग माध्यमों से जारी रह सकती हैं। फिलहाल बैंक यूनियनों ने सरकार से पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह की मांग पर जल्द निर्णय लेने की अपील की है। साथ ही स्पष्ट किया है कि मांग पूरी नहीं होने की स्थिति में आंदोलन को आगे भी जारी रखा जाएगा।