
Ambikapur Land fraud, (Photo- Patrika)
अंबिकापुर। सरगुजा में जमीन में दस्तावेजों में हेराफेरी कर धोखाधड़ी (Land Fraud Case) के कई मामले लगातार सामने आ रहे हैं। राजस्व विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से इसे अंजाम दिया जा रहा है। इसी बीच शहर के ब्रह्मरोड निवासी एक व्यक्ति भी धोखाधड़ी का शिकार हो गया। दस्तावेजों में जमीन का रकबा ज्यादा दिखाया गया था, इसी आधार पर उसने जमीन मालिकों से खरीदी कर ली। जब मौके पर जमीन की नपाई कराई तो पता चला कि उतना जमीन उनके नाम था ही नहीं। तत्कालीन पटवारी ने दस्तावेजों में दर्ज रकबे को कूटरचना कर बढ़ा दिया था। पीडि़त की शिकायत पर अंबिकापुर की मणिपुर पुलिस ने तत्कालीन पटवारी व 2 जमीन मालिकों के खिलाफ अपराध दर्ज कर लिया है।
शहर के ब्रह्मरोड निवासी रमेश कुमार अग्रवाल ने अंबिकापुर-बिलासपुर मार्ग पर स्थित ग्राम मेंड्राकला के खसरा नंबर 922 की जमीन का सौदा पाण्डु पिता कल्याण दास व उसका भाई बुढिय़ा से किया था। इसका रकबा 0.753 हेक्टेयर बताया गया था। रमेश अग्रवाल ने उक्त जमीन की पूरी राशि देकर रजिस्ट्री और नामांतरण (Land Registry) करा लिया।
जब उन्होंने मौके पर पहुंचकर जमीन का सीमांकन कराया तो पता चला कि जमीन का वास्तविक क्षेत्रफल काफी कम है। मौके पर 0.433 हेक्टेयर ही जमीन मिला। इस सौदे में उन्हें करीब 20 लाख रुपए का नुकसान हुआ।
धोखाधड़ी का शिकार हो चुके रमेश अग्रवाल ने मामले की शिकायत कलेक्टर से की थी। कलेक्टर के निर्देश पर भू-अभिलेख शाखा द्वारा मामले की जांच की गई। इसमें पता चला कि वर्ष 2005 से 2007 के दौरान पदस्थ तत्कालीन हल्का पटवारी पन्ने लाल सोनवानी (Patwari) ने पाण्डु और बुढिय़ा के नाम पर दर्ज मूल रकबे 0.433 हेक्टेयर के ऊपर ओवरराइटिंग कर उसे 0.753 हेक्टेयर दर्शाया था। वहीं दोनों भाइयों ने भी यह बात रमेश अग्रवाल को नहीं बताई थी।
मामला सामने आने के बाद जांच रिपोर्ट आधार पर मणिपुर पुलिस ने आरोपी जमीन मालिक पांडु व बुढिय़ा तथा तत्कालीन हल्का पटवारी पन्नेलाल सोनवानी के खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 471 व 120बी के तहत अपराध दर्ज (FIR against Patwari) कर लिया है।
Updated on:
01 Oct 2026 04:03 pm
Published on:
01 Oct 2026 04:02 pm
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