- प्रदर्शनकारियों ने दावा किया था कि उनका धरना प्रदर्शन तब तक चलेगा, जब तक उनकी मांगे मानी नहीं जाती
पामगढ़. जनपद पंचायत पामगढ़ की सीईओ के हटाने व एफआईआर को वापस लेने की मांग को लेकर शनिवार से अनिश्चित कालीन धरने पर बैठे जनपद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष व सभी सदस्य एक ही दिन में धरना करके थकते नजर आ रहे हैं। जहां उन्होंने यह दावा किया था कि उनका धरना प्रदर्शन तब तक चलेगा, जब तक उनकी मांगे मानी नहीं जाती, वहीं यह धरने 24 घंटे में ही खत्म होता नजर आ रहा है।
पत्रिका की टीम जब धरना के दूसरे दिन रविवार को धरना स्थल पर पहुंची तो वहां केवल स्टेज ही दिखाई दिया और उसमें एक भी आदमी नहीं दिखा। इतना ही नहीं आसपास पता करने पर कोई भी यह बता नहीं पाया कि प्रदर्शनकारी कहां गए। हालांकि सूत्रों से यह जानकारी मिली है कि सभी लोग राहौद में रविवार को होने वाले चक्काजाम कार्यक्रम को सफल बनाने गए हैं, लेकिन इस दौरान पामगढ़ में स्थित धरना स्थल पूरी तरह से खाली हो जाने से यह जरूर लगता है कि अब प्रदर्शन कारी आगे धरना नहीं करने वाले हैं।
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यह है धरना देने का कारण
जनपद सीईओ ऋषा ठाकुर ने पामगढ़ थाने में जनपद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष व सदस्यों सहित 17 के खिलाफ एफआईआर करा दी है। इससे नाराज इन लोगों ने सीईओ के खिलाफ ही मुहिम छेड़ दी है। पहले तो यह लोग शुक्रवार को सीईओ के खिलाफ एफआईआर करने थाने पहुंचे, जब पुलिस ने हाथ खड़े कर दिए तो अब यह लोग शनिवार से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए थे। धरना प्रदर्शन में इन लोगों को सरपंच संघ सहित कांग्रेस, बसपा व जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ का सहयोग मिला पर अगले ही दिन रविवार को धरना स्थल में रविवार यानि छुट्टी का माहौल दिखाई दिया।
यह है आरोप
जनपद सदस्यों का आरोप है कि सीईओ ऋषा ठाकुर जनपद के कार्यों में जनप्रतिनिधियों को महत्व नहीं देती हैं। वो उनसे दुव्र्यवहार करती हैं और विभागीय कार्यों में जनप्रतिनिधियों की सहमति लेने की बजाय मनमानी करते हुए एकतरफा निर्णय लेती हैं।