
जांजगीर-चांपा. रविवार को राखी के दिन जेल में बहनों की किलकारियां गूंज उठी। खचाखच भीड़ में बहनों ने नम आंखों से राखी बांधकर भाई की कलाई सजाई और भाईयों ने बहनों की रक्षा का संकल्प लिया। इस दौरान जेल परिसर में सुरक्षा की चाक चौबंद व्यवस्था की गई थी। सुबह से लेकर दोपहर दो बजे तक तकरीबन डेढ़ सौ बहनों ने अपने भाई को राखी बांधी।
भाई बहनों के पवित्र रिश्तों का त्योहार रविवार को जेल परिसर में देखने को मिला। जेल में सुबह आठ बजे से ही बहनों व बंदियों के रिश्तेदारों की भीड़ लग गई थी। बहनें अपने भाई की कलाई सजाने के लिए अपना नाम खिलवाकर जेल परिसर के अंदर गए और जेल में निरूद्ध भाईयों को नम आंखों से राखी बांधी।
जेल परिसर में इन दिनों 256 बंदी निरूद्ध हैं। जिसमें दोपहर दो बजे तक तकरीबन डेढ़ सौ बहनों ने अपने भाई को मिठाई खिलाकर राखी बांधी। जेल परिसर में प्रहरियों की चाक चौबंद व्यवस्था की गई थी। पुरूष प्रहरियों के अलावा तीन महिला पुलिसकर्मियों की भी व्यवस्था की गई थी। बहनें अपने साथ मिठाई सहित अन्य पकवान लाई थीं जिसे खिलाकर अपने भाईओं से संकल्प लिया।
बहनों ने अपने भाईयों से कहा कि अब वे दोबारा ऐसा कृत्य न करें ताकि यह दिन देखने को मिले। जेल परिसर में अपने भाई बबलू को राखी बांधने आई राजकुमारी ने कहा कि उसके भाई को किसी ने बेवजह चोरी के आरोप में फंसाया है। इस कारण उसके भाई को यह दिन देखना पड़ा।
इसी तरह सेमरिया बिर्रा से आई सुंदरमति ने बताया कि वह अपने भाई मनीराम कश्यप को राखी बांधने आई थी। उसकी आंखों से आंशुओं की धार बह रही थी। जिसे वह रोक नहीं पा रही थी। उसका कहना था कि गांजा के केस में उसके भाई को उसके साथियों ने फंसा दिया। इसके कारण उसे जेल जाना पड़ा।
इसी तरह नगवा से आई संगीता यादव ने बताया कि उसके भाई परमेश्वर यादव को शराब के केस में फंसाया गया। इसके कारण कारण उसे जेल जाना पड़ा। उसने बताया कि वह वकील किया है, अब वह छूट जाएगा।