
तहसील से गायब हुई केस डायरी, मचा हड़कंप, पूर्व तहसीलदार पर केस डायरी बिलासपुर ले जाने का आरोप
जांजगीर-चांपा. जिले में एसडीएम कार्यालय हो या तहसील कार्यालय नकल के नाम पर रुपए मांगने की शिकायत तो आम थी, लेकिन तहसील न्यायालय से केस की फाइल ही गायब हो जाना अपने आप में पहला और काफी गंभीर मामला है। यह कारनामा जिला मुख्यालय स्थित तहसील कार्यालय में सामने आया है। यहां जब पीडि़त ने अपनी केस डायरी की नकल के लिए आवेदन किया तो उसे बताया गया कि उसकी केस डायरी न्यायालय में है ही नहीं।
न्यायालय के बाबुओ का कहना है कि तहसील कार्यालय से कर्ई अहम केस डायरी तत्कालीन तहसीलदार शशि चौधरी अपने साथ बिलासपुर ले गए हैं और वहीं पक्षकारों को बुलाकर उसका निपटारा करवा रहे हैं। एसडीएम जांजगीर अजय उरांव ने इसे गंभीर मामला बताते हुए इसकी जांच कनरे की बात कही है।
Read More : काला पत्थर का काला कारोबार, नकेल कसने पुलिस कोल तस्करों की खंगाल रही पुरानी फाइल
जानकारी के मुताबिक जांजगीर निवासी उपेंद्र पिता विष्णु तिवारी अपनी जमीन से संबंधित प्रकरण क्रमांक 11 अ 70-2015-16 की जानकारी लेने तहसील कार्यालय गए थे। जब उन्हें वहां जानकारी देने में बाबुओं ने आनाकानी की तो उन्होंने 30 रुपए का शुल्क अदाकर कार्यालय लोक सेवा केंद्र जांजगीर में नकल के लिए आवेदन कर दिया। 10 अगस्त 2018 को नकल के लिए आवेदन करने के बाद बाबू ने फाइल को जब पक्षकार के पास भेजी तो उसने उसमें कोई जवाब नहीं दिया, क्योंकि उसे पता था कि वह फाइल न्यायालय के रिकार्ड में है ही नहीं।
कुछ दिन उपेंद्र तिवारी अपने आवेदन की रसीद क्रमांक 5038 को लेकर तहसील पहुंचे तो उन्हें बाबुओं ने मौखिक रूप से बताया कि पूर्व तहसील शशि चौधरी न्यायालय की कई फाइलों को अपने साथ बिलासपुर ले गए हैं और वहीं से उन फाइलों का निराकर पक्षकारों को बुलवाकर करना चाह रहे हैं। उन्ही फाइलों के साथ उनकी भी फाइल चली गई होगी। इस बात से नाराज आवेदक उप्रेंद्र तिवारी ने 23 अगस्त को न्यायालय में जमकर हंगामा किया। इस पर प्रभारी तहसीलदार ने संबंधित बाबू से फाइल ढूंढ़ कर पेश करने को कहा है।
शशि चौधरी ने जानकारी होने से किया मना
जब प्रभारी तहसीलदार ने फोन पर पूर्व तहसीलदार शशि चौधरी से बात की तो उन्होंने कोई भी फाइल ले जाने से मना किया और संबंधित प्रकरण की फाइल की जानकारी होने से भी मना किया है।
प्रभारी तहसीलदार ने की गहन पूछताछ
जांजगीर तहसील के प्रभारी तहसीलदार ने मामले को बढ़ता देख इसे गंभीरता से लिया और अपने चैंबर में बाबू को बुलाकर फाइल के बारे में पूछताछ किया। इस पर बाबू ने फाइल न होने की बात कहते हुए फाइल कहां गई इसकी भी जानकारी न होने की बात कही है। प्रभारी तहसीलदार का कहना है कि न्यायालय के दस्तावेजों से फाइल का गायब होना संगीन मामला है। वह इसकी जांच करवाएंगे कि फाइल कहां गई।
तहसील न्यायालय से केस की फाइल गायब होना गंभीर मामला है। इसकी जांच कर, सख्त कार्रवाई की जाएगी- अजय उरांव, एसडीएम, जांजगीर
Published on:
24 Aug 2018 06:17 pm
बड़ी खबरें
View Allजांजगीर चंपा
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
