- आरोपी का हमेशा अपनी पत्नी से होता था विवाद
जांजगीर. दिवाली के दूसरे दिन नैला रेलवे फाटक के पास अज्ञात युवक की लाश पड़ी है। सूचना पर मौके पर वरिष्ठ अधिकारियो के साथ साथ थाना जांजगीर, चौकी नैला स्टाफ एवं क्राइम ब्रांच की टीम घटनास्थल पर पहुँची।
घटनास्थल एवं लाश का मुआयना करने पर प्रथम दृष्टया युवक की गला रेत कर हत्या करना प्रतीत हो रहा था तथा घटना स्थल से बीयर की खाली बोतलें एवं डिस्पोजल गिलास भी पड़ा मिला जिससे लग रहा था कि शराब पीने के दौरान युवक की हत्या की गई होगी। लाश की पंचनामा करने के दौरान मृतक के पेंट के जेब से मृतक का मोबाइल मिला जिससे उसकी पहचान देवेन्द्र हरबंश पिता विनोद हरबंश उम्र 15 वर्ष सा परसाभाठा वार्ड 10 जांजगीर के रूप में हुई। चौकी नैला में मर्ग कायम कर विवेचना में लिया गया। क्राईम ब्रांच टीम, थाना जांजगीर, चौकी नैला पुलिस को प्रकरण के निराकरण के लिए दिशा निर्देश प्राप्त हुआ है।
अज्ञात आरोपी की पतासाजी के लिए क्राइम ब्रांच टीम द्वारा लगातार मृतक के रिस्तेदारों, दोस्तों से पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान मृतक के मकान मालिक के लडक़े से जानकारी मिली कि मृतक अपने फूफा राकेश कुर्रे का मोबाइल नम्बर मांग रहा था उससे पैसे मांगने के लिए तथा उसके दोस्त से जानकारी मिली मृतक शाम को पांच बजे के लगभग उसको बताया था उसका फूफा उसको पैसे देने के लिए आ रहा है। टीम द्वारा जांच को इसी दिशा की ओर बढ़ाया गया। शारदा चौक के पास भी इस संबंध में अहम जानकारी मिली। वरिष्ठ अधिकारियों के दिशा-निर्देश एवं मार्गदर्शन में मृतक के फूफा राकेश कुर्रे को पूछताछ के लिए तलब किया गया।
पूछताछ के दौरान राकेश कुर्रे ने बताया कि वह अपने मित्र संजू थवाईत के साथ 19 अक्टूबर को सुबह से टीवीएस कंपनी की बाइक लेने चाम्पा, जांजगीर, अकलतरा और बलौदा गये थे जहां बलौदा से संजू थवाईत के लिए एक स्कूटी पेप गाड़ी लेकर आये है दिनभर संजू के साथ ही रहना बताया। आरोपी द्वारा लगातार गुमराह किया जा रहा था किंतु मनोवैज्ञानिक तरीके से पूछताछ करने पर वह टूट गया और घटना के संबंध में पूरी बात बताया।
आरोपी राकेश कुर्रे पिता महेश राम कुर्रे उम्र 33 वर्ष निवासी परसाभाठा थाना बलौदा पेशे से शिक्षाकर्मी वर्ग 3 है जो ग्राम घुठिया (मड़वा) में पदस्थ है उसकी पत्नी भी शिक्षाकर्मी है आरोपी कुछ वर्षो से जांजगीर वार्ड 10 के राजू पाटले के मकान में किराए पर ऊपर के रूम में रहते हैं, नीचे में मृतक का परिवार रहता है आरोपी का हमेशा अपनी पत्नी से विवाद होता था, नीचे उसके बहनोई विनोद हरबंश लोग रहते है जिनके साथ भी आरोपी का विवाद होता था अभी 10-12 दिन पहले ही आरोपी का अपनी पत्नी और बहनोई विनोद हरबंश के साथ विवाद हुआ था जिसके कारण आरोपी को उसकी पत्नी और बहनोई ने उसका घर से निकाल दिये थे जिस पर आरोपी चाम्पा तहसील के पास अपने जीजा मोहन लाल सोनन्त के साथ रहने लगा और अंदर ही अंदर अपने बहनोई विनोद और उसके बच्चों के प्रति खुन्नस रखने लगा।
आरोपी ने बताया कि मृतक उसकी पत्नी को स्कूल छोडऩा गांव ले जाना उसके लिए घर का काम करता था जिसके कारण आरोपी अपनी पत्नी से लगातार दूर होते जा रहा था इसी चीढ़ के चलते आरोपी मृतक की हत्या करने का मौका ढूढऩे लगा। 19 अक्टूबर को मृतक देवेन्द्र ने पैसे मांगने के लिए अपने फूफा राकेश को फोन लगाया। इसी दौरान आरोपी को उसकी हत्या करने का मौका मिल गया और मोटरसायकल खरीदी के लिये बलौदा गए अपने मित्र संजू थवाईत को जरूरी काम है कहकर बीच मे ही छोडक़र उसकी मोटरसायकल होण्डा शाइन को मांगकर जांजगीर आ गया।
जांजगीर पहुंच कर आरोपी राकेश कुर्रे ने मृतक देवेन्द्र को पैसा देने और शराब पिलाने का बहाना बनाकर अपने साथ बैठाकर नैला फाटक के पास शराब दुकान ले गया जहां से उसने 02 बीयर खरीदी और पीने के लिए घटनास्थल के पास चले गए उस समय अंधेरा हो गया था और सुनसान भी था। आरोपी और मृतक पूर्व में भी घटनास्थल पर जाकर शराब पीने जा चुके थे।
आरोपी ने मृतक को शराब पिलाई। चूंकि आरोपी ने पहले से योजना बनाई थी इसलिए पास के ही दुकान से पहले से ही ब्लेड खरीद लिया था। जैसे ही मृतक शराब पीने लगा और शराब का नशा हावी होने लगा आरोपी राकेश कुर्रे ब्लेड से मृतक देवेन्द्र के गले मे वार कर गले को काटकर उसकी हत्या कर दिया। तथा शराब भट्ठी में बैठकर गुमराह करने के लिए संजू को फोन करके भट्ठी के पास बुलाया तथा संजू के साथ दो तीन घंटा शहर में घूमते रहा तथा किसी को शक न हो इस उद्देश्य से संजू के साथ चाम्पा भी गया। घटनास्थल से आरोपी की निशान देही पर खून लगा ब्लेड जो आरोपी वहीं फेक आया था और घटना के समय पहने हुए कपड़े को जप्त कर लिया गया है और आरोपी राकेश कुर्रे को धारा 302 के तहत गिरफ्तार कर लिया गया है।
उक्त कार्यवाही में थाना प्रभारी जांजगीर निरीक्षक भवानी शंकर खूंटियां, क्राइम ब्रांच प्रभारी निरीक्षक राजेश मिश्रा, उनि महादेव राम चौहान, सउनि दिलीप सिंह, भुनेश्वर तिवारी, प्रआर लालाराम खूंटे, राजकुमार चन्द्रा, आर लक्ष्मीकांत कश्यप, रेमन सिंह राजपूत, अतीस पारीक, मोहन साहू, राजेश शर्मा, प्रमिल मिंज, राजमणी द्विवेदी, भुनेश्वर साहू, बलबीर सिंह का सराहनीय योगदान रहा।