- सरपंच सचिव को बचाने में जुटा प्रशासन -सभी आरोप तय होने के बाद भी जांच के नाम पर लंबी प्रक्रिया
जांजगीर-चांपा. अकलतरा विकासखंड अंतर्गत झलमला ग्राम पंचायत में शनिवार को अकलतरा जनपद सीईओ अन्वेश घृतलहरे, तहसीलदार, सूर्यकांत साय, पंचायत इंस्पेक्टर फागूराम त्रिघोष्टी के द्वारा जन सुनवाई बुलाकर ग्रामीणों के आरोप सहित सरपंच और सचिव के बयान लिपिबद्ध किए गए थे। जन सुनवाई के दौरान जहां सरपंच निर्मला राज ने अपने बचाव में आदिवासी महिला होने के उसे प्रताडि़त करने का आरोप लगाया तो वहीं सचिव मनाराम केंवट ने कहा कि वह जो कर रहा है वह नियम के तहत कर रहा है।
सुनवाई के दौरान अधिकारियों ने सरपंच व सचिव की गलती भी पाई। अब जनसुनवाई पूरी होने के बाद ग्रामीणों को इंतजार है कि जिला प्रशासन इन दोनों के ऊपर क्या कार्रवाई करता है। ग्राम पंचायत झलमला के ग्रामीणों का कहना है कि सुनवाई के दौरान सचिव मनाराम केंवट की पूरी गलती पाई गई है। सुनवाई में साफ हो गया है कि उसके द्वारा हैंड पंप नहीं लगाया गया, तलाब की साफ सफाई नहीं कराई गई। सड़क व नाली निर्माण नहीं कराया गया, जबकि शासकीय राशि का आहरण कर सरपंच से मिलीभगत कर डकार लिया गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि उसके द्वारा गलत तरीके से ८२ एकड़ भूमि दूसरे को गलत प्रस्ताव करके देना भी सिद्ध हुआ और अधिकारियों ने सुनवाई के दौरान ही उस प्रस्ताव को रद्द कर सचिव को फटकार लगाई थी। इतना सब सबूत मिलने के बास सचिव को सस्पेंड किया जाना चाहिए और सरपंच के खिलाफ उसे पद से हटाने की कार्यवाही की जानी चाहिए।
चक्काजाम की चेतावनी
ग्रामीणों ने बताया कि जन सुनवाई यदि सिर्फ ग्रामीणों को शांत कराने के लिए की जा रही है तो प्रशासनिक अधिकारियों का यह सोचना गलत है। उनका कहना है कि यदि जल्द से जल्द कार्रवाई नहीं की जाती है तो वह लोग कलेक्टर फिर से ज्ञापन सौंपकर चक्काजाम करेंगे। इस दौरान जो भी क्षति होगी उसकी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की मानी जाएगी।