
कहीं ये ठगों की नई चाल तो नहीं, मीटिंग में पहुंचे थे शहर से गांव तक के लोग, इस क्षेत्र में रकम निवेश करने दे रहे लालच
जांजगीर-चाम्पा. चिटफंड कंपनी की आड़ में सैकड़ों लोगों का अरबों रुपए पानी में डूबा दिया गया। सरकार के दावों के बावजूद अब तक चिटफंड कंपनी में अपनी जीवन भर की कमाई गंवाने वालों को उनका पैसा वापस नहीं मिला। अब पता चल रहा है चिटफंडी ये रकम फिल्म निर्माण में निवेश कर रहे हैं। दो दिन पहले शहर के ड्रीम पाइंट होटल में फिल्म के संबंध में एक बैठक हुई, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण भी पहुंचे थे। इस बैठक में कुछ चिटफंडी भी मौजूद थे। खास बात यह है मामले की सूचना पर पुलिस ने भी दबिश दी। बताया जा रहा है मामले को दबाने के लिए जमकर लेन-देन भी हुआ है।
करीब दो साल पहले जिले में चिटफंड कंपनियों की बाढ़ आ गई थी। गांवों से लेकर शहरों तक चिटफंड कंपनी के एजेंट सक्रिय थे। इनके झांसे में आकर सैकड़ों लोगों ने न केवल अपनी जीवन भर की पूंजी लगा दी, बल्कि घर-बार गिरवी रखकर भी रकम निवेश किया। जब चिटफंड का मामला मीडिया में सूर्खियां बटोरेने लगा, तब चिटफंडी अपना बोरिया बिस्तर समेटकर चंपत हो गए।
यह मामला विधानसभा में भी उठा। तब खुद मुख्यमंत्री ने चिटफंडियों के खिलाफ ताबड़तोड़ न केवल कराई कराई, बल्कि चिटफंड कंपनियों की संपत्ति कुर्की कर पीडि़तों की रकम वापस लौटाने का दावा किया था, लेकिन अब तक लोगों को अपने खून पसीने का पैसा वापस नहीं मिल सका है। इधर, बताया जा रहा है चिटफंडी ये पैसा फिल्म निर्माण में निवेश कर रहे हैं। दो दिन पहले जिला मुख्यालय जांजगीर के ड्रीम पाइंट होटल में एमएफपी म्युजिक प्रोडक्शन हाउस बिजनेस डेव्हलपमेंट मिटिंग का आयोजन किया गया था। इसमें मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश मेरठ का विनोद गिल था। अन्य अतिथि एसएल पिंडे, एसएल चौहान सहित शहर व ग्रामीण स्तर के लोग उपस्थित थे।
खास बात यह है इस मीटिंग में कुछ चिटफंडी भी मौजूद थे। मीटिंग के जरिए मौजूद लोगों को फिल्मों में रकम निवेश करने की जानकारी दी गई। इसी दरमियान मामले की सूचना किसी ने पुलिस को दी। चिटफंडी का नाम सुनते ही पुलिस के कान खड़े हो गए। एसआई सुरेन्द्र मिश्रा ने अपनी टीम के साथ वहां दबिश दी और मामले में जांच करने के बाद कुछ लोगों को एसडीओपी के समक्ष पेश किया गया। इस दौरान मुख्य अतिथि गिल ने कहा कि घबराने की जरुरत नहीं है, क्योंकि यह संस्थान चिटफण्ड कंपनी नहीं है। उन्होंने कहा कि सारे प्रमाण पुलिस को बताया जाएगा और बैठक को स्थगित कर एसडीओपी को मामले के संबंध में जानकारी दी। इस दौरान फिर से चिटफंड का मामला न उछले, इसे लेकर कुछ लोगों से लेन-देन की बात भी सामने आ रही है।
फिल्मों में निवेश की दी जानकारी
मीटिंग में मौजूद उत्तर प्रदेश मेरठ का विनोद गिल ने मीडिया के सवाल पर कहा कि संस्थान चिटफंड कंपनी से ताल्लुकात नहीं रखती। यहां वे फिल्म लांच करने आए हैं और फिल्मों मे निवेश करने के संबंध जानकारी देने आए है। उनहोने फिल्म को लांच किया और फिल्म के बारे में मीडिया को जानकारी दी। कुछ लोगों का कहना है कि अब तक फिल्म निर्माण के संबंध में सुना गया था कि व्यक्ति विशेष द्वारा रकम निवेश किए जाने के बाद फिल्म का निर्माण होता है। लेकिन यहां तो आम लोगों को फिल्म निर्माण के लिए निवेश करने प्रेरित किया जा रहा है। बहरहाल, यहां के लोग पहले ही चिटफंड कंपनी में अरबों रुपए गंवाकर खून के आंसू रो रहे हैं।
बिना भुगतान नहीं मतदान
लाख कोशिशों के बावजूद चिटफंड कंपनी में रकम निवेश करने वालों को उनकी रकम वापस नहीं मिल सकी है। इससे नाराज होकर पीडि़तों ने प्रदेश भर में अपना एक संगठन तैयार कर लिया है। बताया जा रहा है इनकी संख्या हजारों में हो गई है। यह संगठन तब से अब तक चिटफंड में निवेश रकम वापस पाने संघर्ष कर रहा है, लेकिन अब तक नतीजा शून्य है। इससे नाराज होकर ये लोग आने वाले विधानसभा चुनाव में नया कारनामा करने वाले हैं। अभी से ये लोग भुगतान नही तो मतदान नहीं का नारा बुलंद करते हुए जमकर प्रचार.प्रसार कर रहे हैं। कुछ जगह दीवारों में इस नारे को भी उकेरा गया है। इससे समझा जा सकता है कि चिटफंड कंपनी में रकम गंवाने वालों का घाव कितना हरा है।
निवेश नहीं कराया
चिटफंड कंपनी की मिटिंग ड्रीम पाइंट होटल में चलने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची थी। कुछ लोगों को एसडीओपी के समक्ष पेश किया गया। तब इन लोगों ने फिल्म लांच करने के संबंध में जानकारी दी। इन्होंने फिल्म के नाम पर पैसा निवेश करने के आरोप को नकारा- सुरेन्द्र मिश्राए एसआई जांजगीर
Published on:
05 Aug 2018 01:45 pm
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