आईपीएल के दौरान समूचे देश में सबसे अधिक सट्टा होता है। सटोरिया इस दौरान करोड़ों का दांव लगवाते हैं।
जांजगीर-सक्ती. आईपीएल के पहले ही जिले में सटोरियों का खेल बदस्तूर जारी है। जबकि एसपी नीतु कमल ने सटोरियों पर लगाम लगाने थाना प्रभारियों को कड़े निर्देश दिए हैं। इसके बाद भी जिले में चोरी छिपे सट्टा का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है। शुक्रवार को सक्ती केे सबसे बड़े सटोरिया किशन शर्मा को क्राइम ब्रांच की टीम ने धर दबोचा था। उसके कब्जे से तकरीबन 4900 रुपए नगदी एवं हजारों रुपए की पट्टी जब्त किया था।
एसपी के निर्देशन में सक्ती पुलिस ने सटोरिया किशन शर्मा को जेल भी भेज दिया है। शनिवार को उसकी जमानत नहीं हो पाई है। उसके समर्थक उसकी जमानत के लिए कोर्ट के चक्कर लगा रहे थे, लेकिन शनिवार से शुरू होने वाले आईपीएल को देखते हुए उसकी जमानत अर्जी खारिज कर दी गई है। आईपीएल के दौरान समूचे देश में सबसे अधिक सट्टा होता है। सटोरिया इस दौरान करोड़ों का दांव लगवाते हैं। सटोरियों के तार देश के कोने कोने तक फैले रहते हैं। लेकिन सक्ती में बारहों महीने सट्टा का कारोबार होता है।
पुलिस द्वारा यहां हर रोज छिटपुट सट्टा के प्रकरण बनाए जाते हैं। हर बार की तरह शुक्रवार की शाम को क्राइम ब्रांच की टीम को मुखबिर से सूचना मिली थी कि सक्ती का सट्टा किंग किशन शर्मा सट्टा खिलवा रहा है। इस आधार पर क्राइम ब्रांच की टीम सटोरिया के ठिकाने तक पहुंची।
क्राइम ब्रांच की टीम उसके घर में घेराबंदी कर उसे धर दबोचा। बताया जा रहा है कि उसके कब्जे से अधिक रकम तो नहीं बल्कि नगदी 4 हजार रुपए व हजारों रुपए की पट्टी जब्त की है। आरोपी के खिलाफ कार्रवाई के लिए सक्ती थाने के सुपुर्द किया गया। जहां सक्ती पुलिस ने आरोपी के खिलाफ सट्टा एक्ट के अलावा उसके खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करते हुए उसे जेल दाखिल कर दिया है।
मीडिया मैनेज की भी रही चर्चा
बताया जाता है कि जब रसूखदार लोग किसी केस में पकड़े जाते हैं तब पुलिस वालों पर मीडिया मैनेज के लिए भी दबाव बनाया जाता है। ताकि उसकी जग हसाई मीडिया में न हो। इसके लिए पुलिस वालों को मीडिया मैनेज का भी आफर मिलता है। बड़े केसेस को दबाने के लिए पुलिस मामले को मीडिया को बताने बचती है। कुछ इसी तरह का किस्सा शुक्रवार को सक्ती प्रभारी द्वारा किया जाना प्रतीत होता है। क्योंकि जब सटोरिया पकड़ाया तो उन्होंने इसकी जानकारी मीडिया से छिपाई। सक्ती थानेदार वैसे भी फोन रिसीव करने में कोताही बरतते हैं। शनिवार को लगातार उनके ९४७९१९३११० नंबर पर कॉल किया गया, लेकिन वे प्रेस विज्ञप्ति देने बचते रहे।