महिला कर्मियों ने कलेक्टर से की शिकायत
जांजगीर-चांपा. मालखरौदा सीएचसी में पदस्थ विकासखंड कार्यक्रम प्रबंधक (बीपीएम) विजय शंकर निर्मलकर के खिलाफ महिला कर्मियों द्वारा की गई अश्लील हरकतों की शिकायत की आंच अब सीधे मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. वी जयप्रकाश तक पहुंच गई है।
शुक्रवार को जिला पंचायत सीईओ के पास बयान देने पहुंची सीएचसी की महिला कर्मियों ने सिर्फ अपनी आपबीती बताई, बल्कि कलेक्टर नीरज कुमार बनसोड़ को शिकायत पत्र लिखकर सीएमएचओ के खिलाफ आरोप लगाया है कि उन्होंने इसकी शिकायत पूर्व में काफी पहले की थी,
लेकिन उनके द्वारा इस संबंध में कोई भी कार्यवाही या जांच नहीं की गई। उन्होंने कलेक्टर से महिला कर्मियों के सम्मान की रक्षा करने की गुहार लगाई है।
जानकारी के मुताबिक मालखरौदा सामुदाइक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ तीन महिला कर्मियों ने काफी पहले सीएमएचओ से शिकायत की थी कि बीपीएम विजय शंकर निर्मलकर कंप्यूटर में अश्लील फिल्म लोडकर छोड़ देते हैं। उनहोंने शिकायत की थी कि उनके द्वारा पिछले कई सालों से महिला कर्मियों के साथ अश्लील हरकतें की जाती रही है।
इस शिकायत के बाद सीएमएचओ ने बिना कोई जांच कराए ही मामले को दबवा दिया था, लेकिन पिछले एक सप्ताह पहले ही यह शिकायत किसी ने वाट्सअप पर वायरल कर दिया। इसे कलेक्टर ने संज्ञान में लेते हुए जिला पंचायत सीईओ को जांच करने को कहा। सीईओ ने बीपीएम विजय शंकर निर्मलकर को बुलाया तो उन्होंने अपनी सफाई में बताया कि उनके ऊपर लगे सभी आरोप गलत है।
यह सब सीएचसी में पदस्थ बीएमओ डॉ. केके सिदार के द्वारा कराया जा रहा है। बीपीएम की सफाई सुनने के बाद सीईओ अजीत बंसत ने शुक्रवार को शिकायतकर्ता कर्मचारियों को बुलाया, जिस पर वह अपने आरोप पर अडिग रहे। इसके बाद उन्होंने एक नई शिकायत भी कलेक्टर के नाम लिखकर सौंपी।
महिला बाल विकास अधिकारी ने लिए बयान
जानकारी के मुताबिक महिला कर्मचारी अपनी शिकायत सही तरीके से रख सकें इसके लिए सीईओ ने महिला बाल विकास अधिकारी को बुलाया था। उन्होंने सभी महिलाओं से इस संबंध में जानकारी लेकर उसे लिपिबद्ध किया है।
-मालखरौदा बीपीएम के खिलाफ महिला कर्मियों ने जो शिकायत की थी, उसकी जांच के लिए उन्हें बुलाया गया था और महिला बाल विकास अधिकारी व उनकी टीम के द्वारा कर्मियों से पूछताछ की गी है। प्रथम दृष्टिया प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाया गया है, मामले की सूक्षमा से परीक्षण कर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई के लिए कलेक्टर को जांच रिपोर्ट भेजी जाएगी।
-अजीत बसंत, सीईओ, जिला पंचायत जांजगीर