
जांजगीर-चांपा. पामगढ़ में शुक्रवार को 17 साल के नाबालिग छात्र अपने घर में फांसी लगाकार खुदकुशी कर ली। खुदकुशी के पहले उसने दो पत्ते का एक सुसाइड नोट छोड़ गया। इसमें उसने लिखा है कि उसे जीने की उम्मीद खत्म हो गई है। इसलिए खदुकुशी कर लिया। मेरे मरने में किसी का कोई हाथ नहीं है। मेरे मरने के बाद मेरी मम्मी का ख्याल रखना। पामगढ़ पुलिस के मुताबिक करण कश्यप पिता राजकुमार कश्यप (17) पामगढ़ में अपने मामा के घर में रहकर पढ़ाई करता था। शुक्रवार की सुबह 10 बजे वह अपने घर में फांसी लगा लिया। घटना की सूचना पुलिस को दी गई।
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पुलिस ने शव का पंचनामा कार्रवाई की गई। पंचनामा के दौरान किशोर के कब्जे से एक सुसाइड नोट भी मिले हैं। इसमें वह लिखा है कि पापा अपनी शराब की बुरी लत को छोड़ दो। हमेशा मम्मी और दीदी के साथ खुश रहना। कृपा कर मेरी मौत के बाद मेरे परिवार वालों से कोई सवाल मत करना। प्लीज मुझे हंसते-हंसते विदा करना। मेरे मरने के बाद कोई रोएगा नहीं। यही मेरी आखिरी ख्वाहिश है।
मेरी प्यारी बहनों दोस्तों करण कश्यप की तरफ से आखिरी सलाम। मेरे मरने के बाद किसी को खाने के लिए मत बुलाना और मेरी वजह से मेरे मामा की शादी मत रुकवाना। फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर शव का पंचनामा कार्रवाई कर पोस्टमार्टम के लिए रवाना कर दिया है। नाबालिग के खुदकुशी की कोई ठोस वजह नहीं मिल पाई है।
लड़कियों को अलविदा
सुसाईड नोट में नाबालिग ने लिखा है कि वो लड़कियां जो मुझे पसंद करते हैं उन सबको अलविदा, मुझे माफ करना। मैंने कभी किसी को हां नहीं बोल सका। ऐसे शब्दों से युवक की खुदकुशी की वजह प्रेम प्रसंग का भी अनुमान लगाया जा रहा है।
शराब हो सकती है वजह
नाबालिग अपने सुसाइड नोट में लिखा है कि पापा आपसे निवेदन करता हूं कि आप अपनी शराब की लत छोड़ दो। इससे साफ जाहिर होता है कि पिता शराबी था। शराब की वजह से घर में कलह की स्थिति निर्मित होती रही होगी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।