जांजगीर चंपा

पहले सामूहिक इस्तीफे की पेशकस, जांच शुरू हुई तब कहा दबाव में आकर किए थे शिकायत

- खेल एवं युवा कल्याण विभाग इन दिनों सुर्खियों में -जिले के सभी नौ ब्लाक के नोडल अफसरों ने की थी सहायक संचालक के खिलाफ शिकायत
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पहले सामूहिक इस्तीफे की पेशकस, जांच शुरू हुई तब कहा दबाव में आकर किए थे शिकायत
पहले सामूहिक इस्तीफे की पेशकस, जांच शुरू हुई तब कहा दबाव में आकर किए थे शिकायत

जांजगीर-चांपा. खेल एवं युवा कल्याण विभाग इन दिनों सुर्खियों में है। बीते माह खेल एवं युवा कल्याण विभाग के जिन नौ नोडल अधिकारियों ने सहायक संचालक के खिलाफ कमीशन मांगने का आरोप लगाया था वही नोडल अधिकारी अब यह लिखित में दे रहे हैं कि जांजगीर के अफसरों के झांसे में आकर उन्होंने गलत फैसला ले लिया था।

सहायक संचालक ने अब तक हमसे रुपए की मांग नहीं की है। शिकायत करने वाले नोडल अफसर सिलसिलेवार लिखित में जवाब प्रस्तुत कर रहे हैं। हालांकि विभाग के जिन कर्मचारियों ने जिला खेल अधिकारी के खिलाफ शिकायत की बीड़ा उठाई थी उसमें से एक कर्मचारी अपने ही जाल में फंस गया है और संचालक खेल एवं युवा कल्याण ने उसे निलंबित कर दिया है। वहीं जिला खेल अधिकारी के खिलाफ की गई शिकायत अब ठंडे बस्ते में जाते दिखाई दे रहा है।

गौरतलब है कि 17 सितंबर को जिले के सभी नौ ब्लाक के खेल एवं युवक कल्याण विभाग के नोडल अधिकारियों ने सहायक संचालक के खिलाफ कलेक्टर से यह शिकायत की थी कि सहायक संचालक द्वारा उन्हें दफ्तर बुलाकर टार्चर किया जाता है। बैठक में उनके द्वारा अनाप-शनाप बोला जाता है। इतना ही नहीं खेल आयोजन के राशि भुगतान के लिए चेक जारी करते समय कमीशन की मांग की जाती है।
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इसके अलावा दैनिक भत्तों में कटौती की जाती है। इस आशय की शिकायत करते हुए नोडल अफसरों ने जिला मुख्यालय के किसी भी अधिकारी को आहरण एवं संवितरण अधिकारी बनाया जाए। यदि सहायक संचालक को आहरण संवितरण अधिकारी बनाया गया तो हमारा सामूहिक इस्तीफा मंजूर किया जाए। शिकायत की कापी सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद जब जांच होने की बारी आई तब नोडल अफसरों से कमीशन का आधार मांगा गया तब नोडल अफसर कटघरे में आ गए और अब यह कहते फिर रहे हैं कि पहले जो भी शिकायत हुई है उस वक्त उन्हें अंधेरे में रखकर उनसे दस्तखत कराया गया है।

- नोडल अधिकारियों द्वारा इस्तीफे के संबंध में लिखकर दिए जाने की सूचना मिली है। नोडल अधिकारियों ने लिखित में दिया है कि प्रभारी अधिकारी पांडेय द्वारा उनसे नोडल अधिकारी के पद से निकलवाने का दबाव डालकर दस्तखत कराया गया है। पांडेय द्वारा सिर्फ डीडीओ का प्रभार पाने के लिए हथकंडा अपना रहा है। प्रभारी खेल अधिकारी अपने फायदे के लिए मुझे माध्यम बनाकर जिला प्रशासन एवं विभाग की छवि धूमिल कर रहा है- प्रतिमा सागर, सहायक संचालक खेल एवं युवक कल्याण विभाग

Updated on:
22 Oct 2018 06:39 pm
Published on:
22 Oct 2018 06:39 pm