जांजगीर चंपा

खबर का असर : आखिरकार प्रभारी प्राचार्य राजेंद्र शुक्ला हटाए गए, अनशनकारी ने तोड़ा अनशन

अनशनकारी को जिला अस्पताल से रिलीव कर दिया गया

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अनशनकारी को जिला अस्पताल से रिलीव कर दिया गया

जांजगीर-चांपा. पामगढ़ स्थित शासकीय महामाया उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य राजेंद्र शुक्ला आखिरकार हटाए गए। कलेक्टर ने उसे हटाकर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय चोरिया तबादला कर दिया है।

इस मामले में सोमवार की सुबह जिला अस्पताल में बैठे अनशनकारी मुरली मनोहर शर्मा को पामगढ़ एसडीएम सागर सिंह राज ने जूश पिलाकर उनका अनशन तुड़वाया। अनशनकारी को जिला अस्पताल से रिलीव कर दिया गया है।

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इस दौरान जिला अस्पताल में लोगों की भीड़ खचाखच भरी थी। मौके पर जनता कांग्रेस जोगी के कार्यकर्ता भी बड़ी संख्या में जिला अस्पताल पहुंच गए थे।


गौरतलब है कि 31 मई से दो जून तक हुई डीएलएड की परीक्षाओं में हुए नकल के प्रकरण में सही जांच न होने से नाराज शिक्षक मुरली मनोहर शर्मा आमरण अनशन पर बैठा था। 10 अगस्त से अन्न-जल त्याग कर बैठे इस शिक्षक की तीसरे दिन तबीयत अधिक बिगडऩे से जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। एक तरफ जहां शिक्षक मुरली शर्मा की तबीयत बिगड़ती जा रही थी, वहीं मुरली मनोहर का अनशन का मामला तूल पकड़ रहा था।

इस आशय की खबर पत्रिका ने पिछले तीन दिन तक प्रमुखता से प्रकाशित किया था। शिक्षक मुरली मनोहर शर्मा का कहना है कि वह इस संबंध में कलेक्टर का आश्वासन ही चाह रहा है कि वह इस मामले की सही जांच कराएंगे और राजेंद्र शुक्ला जो कि पिछले लगभग 10 सालों से एक ही जगह पदस्थ है उसका स्थानांतरण दूसरी जगह करें।

सोमवार को मामले को कलेक्टर नीरज बनसोड़ ने गंभीरता से लिया और प्रभारी प्राचार्य राजेंद्र शुक्ला का तबादला उच्चतर माध्यमिक विद्यालय चोरिया कर दिया था। इधर अनशनकारी शिक्षक का अनशन तुड़वाने पामगढ़ एसडीएम सागर सिंह राज सोमवार की सुबह जिला अस्पताल पहुंचे और शिक्षक को जूश पिलाकर उनका अनशन तुड़वाया। इसके बाद शिक्षक ने राहत की सांस ली। इधर पामगढ़ के लोगों ने भी प्रभारी प्राचार्य राजेंद्र शुक्ला के हटने से राहत की सांस ली।


जकांछ ने दी थी साथ देने की बात
छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस के जिलाध्यक्ष इब्राहिम मेमन ने भी 13 अगस्त से शिक्षक के साथ आमरण अनशन पर बैठने की बात कही थी। इब्राहिम ने पत्रिका से बताया था कि वह सच की लड़ाई लडऩे वाले हर सख्स का साथ देंगे। उनका कहना है कि भाजपा शासन में प्रशासनिक अधिकारी भी भ्रष्टाचारियों का खुलकर साथ दे रहे हैं, लेकिन इस लड़ाई में उन्हें सच का साथ देने की बात की थी, लेकिन जकांछ के अनशन में बैठने से पहले ही कलेक्टर ने प्राचार्य का स्थानांतरण कर जकांछ को अनशन में बैठने की नौबत ही नहीं आने दी।

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Published on:
13 Aug 2018 08:01 pm
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