जांजगीर चंपा

छत्तीसगढ़ में कब होगी मानसून वाली झमाझम बारिश? मौसम विभाग ने बताई तारीख, जताई ये संभावना

Weather Update: मानसून द्रोणिका का पूर्वी छोर अरूणाचल प्रदेश की ओर से चला गया है। इसलिए प्रदेश सहित जिले में मानसून में ब्रेक की स्थिति है। मानसून ब्रेक के कारण उमस भरी गर्मी से हर वर्ग के लोग खासे परेशान हैं।
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फाइल फोटो- पत्रिका

CG Weather Update: मानसून द्रोणिका का पूर्वी छोर अरूणाचल प्रदेश की ओर से चला गया है। इसलिए प्रदेश सहित जिले में मानसून में ब्रेक की स्थिति है। मानसून ब्रेक के कारण उमस भरी गर्मी से हर वर्ग के लोग खासे परेशान हैं। जिले का तापमान भी लगातार बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को जिले का अधिकतम तापमान 36 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम विभाग की मानें तो अभी फिलहाल झमाझम बारिश होने की संभावना नहीं है।

ज्ञात हो कि आषाढ़ के अंतिम व सावन के शुरूआत में जिले में मानसून मेहरबान रहा। लगातार जिले में बारिश रुक-रुककर हो रही थी। लगातार बारिश से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया था। साथ ही नदी नाले उफान पर चल रहे थे। इससे इस वर्ष की बारिश का आंकड़ा अब तक के औसत बारिश का सावन के शुरूआत में ज्यादा हो गई है। एक जून से अभी तक जिले में पिछले साल की तुलना में करीब 300 मिलीमीटर बारिश ज्यादा हुई है। आगे मानसून ऐसे ही मेहरबान रहा तो इस साल औसत बारिश 1290.8 मिली मीटर से ज्यादा बारिश होगी। अभी एक महीने मानसून सीजन रहेगा।

बीते साल से ज्यादा बारिश होने के चलते जिले के ज्यादातर डैम, तालाब फूल हो गए हैं। जिले में नदी, तालाब सब लबालब हो गया है। लेकिन सावन की विदाई बेला में अब जिले में मानसून ब्रेक की स्थिति उत्पन्न हो गई। मानसून द्रोणिका का पूर्वी छोर अरूणाचल प्रदेश की ओर चला गया, इसलिए ऐसी स्थिति बन गई है। मानसून ब्रेक होने होने के कारण जिले में गर्मी बढ़ गई है। उमस भरी गर्मी के कारण कूलर भी काम करना बंद कर दिया। केवल एसी में रहना लोग पसंद कर रहे है।

सावन के महीने में पिछले 10 साल में जिले का तापमान 36 डिग्री को पार किया। लोग घर व आफिस में पसीना से तरबतर होते रहे। साथ ही बाहर धूप ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया। जिले में अब तक सबसे ज्यादा बारिश जांजगीर तहसील 1029.1 मिमी में हुई है। वहीं सबसे कम नवागढ़ ब्लॉक में 729.1 मिमी, अकलतरा में 1008.8, बलौदा में 811.9, पामगढ़ 788.2, चांपा में 800.0, शिवरीनारायण में 737.6, बहनीडीह में 969.6, सारागांव मेें 929.8 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है।

मानसून ब्रेक का फसल पर असर

मानसून ब्रेक का असर धान की फसल पर देखने को मिल रहा है। खेत अब सूखने लगे हैं, जबकि शुरूआत में ही पानी की जरूरत ज्यादा पड़ती है, ऐसे में फसल बर्बाद होने का डर सता रहा है। किसानों का कहना है जल्द ही बारिश नहीं हुई तो फसल बर्बाद होने तय है। खेत में दरार भी दिखने लगी है। ऐसे में जल्द पानी की जरूरत महसूस की जा रही है।

10 अगस्त के बाद हो सकती है झमाझम बारिश

मौसम विभाग की मानें तो अभी फिलहाल तेज बारिश की संभावना नहीं है। 8 अगस्त को एक सिस्टम बनने की संभावना है। इसके बाद 9 को बादल छाए रहेेंगे। 10 अगस्त के बाद झमाझम बारिश का दौर शुरू होने की संभावना है।

मानसून द्रोणिका का पूर्वी छोर अरूणाचल प्रदेश की ओर चला गया है। यह स्थिति मानसून ब्रेक कहलाता है। कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है। फिलहाल झमाझम बारिश ही संभावना नहीं है। - एचपी चंद्रा, मौसम वैज्ञानिक रायपुर

Updated on:
06 Aug 2025 10:11 am
Published on:
06 Aug 2025 10:11 am
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