
Chhattisgarh News: पिकनिक मनाने पहुंचे युवक-युवतियों में कुछ ही मिनटों में खुशियां चीख-पुकार में बदल गईं। हसदेव नदी में फोटो खींचाने उतरा एक युवक अचानक गहरे पानी में चला गया। उसे बचाने के लिए दूसरा कूदा तो वह भी बहने लगा। तीसरा साथी भी दोस्त को बचाने नदी में उतरा, लेकिन तेज बहाव ने उसे भी अपनी चपेट में ले लिया। चौथे साथी ने बचाने की कोशिश की और किसी तरह नदी से बाहर निकल आया, लेकिन देखते ही देखते उसके तीन दोस्त हसदेव की लहरों में ओझल हो गए।
लगातार हादसे के बाद भी जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन द्वारा ध्यान नहीं दिया जा रहा है। हर साल देवरी पिकनीक स्पॉट में जा रही जान फिर भी जिम्मेदार तमाशबीन बने हुए हैं। पुलिस के अनुसार देवरी-चिचोली के हसदेव नदी पिकनिक स्पॉट पर शुक्रवार को उस समय हडक़ंप मच गया। एक कार से चार युवक और चार युवतियां देवरी-चिचोली पिकनिक मनाने पहुंचे थे। ( chhattisgarh News ) इसी दौरान देवरी हसदेव नदी किनारे सभी नास्ता के बाद भोजन किए। फिर मुरारी साहू नदी में फोटो खींचाने चला गया। इसी दौरान उसका पैर फिसल गया और गहराई में चला गया।
उसको बचाने दूसरा युवक गया, वह भी डूब गया, तीसरा युवक गया वह भी डूब गया। चौथा नीरज साहू भी बचाने पहुंचा था। लेकिन वह किसी वापस लौट गया। घटना की खबर फैलते ही पिकनिक स्पॉट पर अफरा-तफरी मच गई। बहने वाले युवकों में मुरारी साहू पिता उत्तर साहू निवासी कुंडा थाना पंडरिया जिला कबीरधामय पवन लाल निवासी चिरमिरी और सचिन सिंह पिता यशवंत सिंह निवासी अंबिकापुर के हैं।
बताया जा रहा है कि सभी चौकसे कॉलेज बिलासपुर के विद्यार्थी हैं। ज्ञात हो कि देवरी-चिचोली का हसदेव नदी क्षेत्र लंबे समय से पिकनिक मनाने वालों के बीच लोकप्रिय है, लेकिन यहां नदी में नहाने के दौरान हादसे भी सामने आते रहे हैं। पूर्व में भी इस क्षेत्र में डूबने की घटनाएं हो चुकी हैं। सवाल यह है कि आखिर पिकनिक स्पॉट पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम कब होंगे, नदी में तेज बहाव के दौरान नहाने पर रोक और चेतावनी बोर्ड के बावजूद लोग गहरे पानी में उतर रहे हैं, जिससे हादसे का खतरा लगातार बना हुआ है। एसडीआरएफ व डीडीआरएफ की टीम द्वारा शाम 6 बजे सर्च ऑपरेशन चला गया। इस दौरान पता नहीं चल सका। शनिवार की सुबह फिर से सर्च ऑपरेशन चलाया जाएगा।
हसदेव नदी का देवरी-चिचोली क्षेत्र आसपास के लोगों और युवाओं के लिए पिकनिक स्पॉट के रूप में लोकप्रिय है। बारिश के मौसम में नदी का जलस्तर बढऩे के साथ यहां पानी का बहाव भी काफी तेज हो जाता है। ऐसे में नदी में उतरना जानलेवा साबित हो सकता है। शुक्रवार की घटना ने पिकनिक स्पॉट पर सुरक्षा व्यवस्था और लोगों की सतर्कता को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
बलौदा थाना क्षेत्र के पिकनिक स्पॉट में एक के बाद एक दर्दनाक घटना हो रही है। लोगों की पानी की तेज बहाव व फिसलन ज्यादा होने से बहने से जान जा रही है। केवल बोर्ड लटका दिया गया है। दो साल पहले 14 जुलाई को ही बिलासपुर के एक युवक पिकनिक मनाने के फेर में बह गया था। पिछले साल 21 जुलाई को दो युवक कापन चौकी नैला निवासी खुशेंद्र बरेठ पिता खोलबहरा बरेठ एवं लिकेश पटेल पिता कृष्ण कुमार पटेल (21) निवासी कापन दोनों गहरे पानी में बह गए। पिछले साल ही 29 नवंबर को ही कोरबा के एक इंजीनियर की डूबने से मौत हो गई। 9 दिन के बाद शव मिला था। इस घटना को लोग भूल भी नहीं पाए थे। 26 दिसंबर को कोरबा जिले के दीपका के दो परिवार पिकनिक मनाने आए थे। इस दौरान दो युवक बह गए थे। देवरी चिचोली, कुदरी बैराज में ही 3 साल में 18 लोगों की मौत हो गई है। अब फिर शुक्रवार को 3 युवक बह गए।
बारिश के सीजन में हर साल जिले के पिकनीक स्पॉट में हादसे होते हैं। खासकर जिले के सबसे ज्यादा खतरनाक बलौदा ब्लॉक के देवरी पिकनिक स्पॉट है। पत्रिका ने रील्स व मौज मस्ती के बीच हो रहे हादसे, जिले के पिकनिक स्पॉट बारिश में खतरनाक सुरक्षा के उपाय करने आगाह किया था। अगस्त माह में बारिश में मौत के मुहाने पर पिकनिक स्पॉट शीर्षक से प्रमुखता से खबर प्रकाशित किया गया था। बावजूद जिला व पुलिस प्रशासन नहीं जागे और तीन युवक फिर बह गए।
घटना की जानकारी होने के बाद अकलतरा विधायक राघवेन्द्र सिंह मौके पर पहुंचे। घटनास्थल का जायजा लिया और थाना प्रभारी व रेक्स्यू टीम को आवश्यक निर्देश दिए। साथ ही नदी में बहे युवकों के परिजनों से मिले और ढांढस बंंधाया।