अवैध शराब की बाढ़ वाले जिले में खाकी भी मालामाल हो गई है। कम शराब मिले तो भी बड़ी कार्रवाई का धौंस दिखाकर वसूली की जा रही है तो वहीं अधिक शराब मिले तो भी बड़ी कार्रवाई का धौंस दिखाकर तस्करों को छोड़ा जा रहा है। ऐसे मामलों में केस तभी बनता है जब पीडि़त अपने आप को छुड़ाने के लिए पुलिस को बड़ी रकम नहीं दे सकता।
जांजगीर-चांपा। कुछ इसी तरह की कार्रवाई रविवार को बिर्रा थाने में हुई है। बिर्रा थाने का एक एएसआई पर आरोप लगे हैं कि रविवार को एक तस्कर के कब्जे से चार लीटर महुआ शराब पकड़ा और उससे ५० हजार रुपए लेकर छोड़ दिया। इस बात की शिकायत एसपी विजय अग्रवाल से की गई है। एसपी ने ऐसे लोगों पर कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है। दरअसल, जैजैपुर थाना क्षेत्र के ग्राम परसाडीह निवासी गोरेलाल मनहर के घर में कुछ पारिवारिक कार्यक्रम था। जिसके लिए वह कुटराबोड़ से शराब लेकर बिर्रा से गुजर रहा था। इसी दौरान मुखबिर की सूचना पर बिर्रा पुलिस की टीम घेराबंदी कर गोरेलाल मनहर को पकड़ लिया। उसके बैग की तलाशी ली गई तो ४ लीटर महुआ शराब मिला। गोरेलाल मनहर ने मामले में किसी तरह की कार्रवाई न हो कहकर मामले की सूचना अपने ***** राजकुमार जांगड़े को दी। राजकुमार जांगड़े तत्काल मौके पर पहुंचा और मामले को रफा दफा करने के लिए बिर्रा थाने में तैनात एएसआई बाबूलाल दिवाकर से बात की। एएसआई ने आरोपी से कहा मामले को पूरी तरह से दबा नहीं सकता लेकिन जमानती अपराध के तहत ३६/च का मामला बना दूंगा। इसके एवज में गोरेलाल दिवाकर ने ५० हजार रुपए की डिमांड की। गोरेलाल को छुड़ाने के लिए उसका ***** राजकुमार ने कहीं से ५० हजार रुपए की व्यवस्था की और अपने साले को छुड़ा लिया। आरोपी गोरेलाल के खिलाफ बिर्रा पुलिस ने धारा ३६/च की कार्रवाई कर छोड़ दिया।
आरक्षक ने कबूल की पूरी स्टोरी
मामले की तस्दीक के लिए पत्रिका के रिपोर्टरों ने जब अपने करीबी बिर्रा थाने में पदस्थ दो आरक्षकों से बात की तस्दीक की तो मामला पूरी तरह सही निकला। नाम न छापने की शर्त पर दोनों आरक्षकों ने पूरी बात स्वीकार की कि इस मामले में लेन-देन कर आरोपी को छोड़ा गया है। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि महुआ शराब परिवहन करने वालों से ५० हजार रुपए ली गई है।
एएसआई का आतंक
सूत्रों ने बताया कि वहां पदस्थ एएसआई बाबूलाल दिवाकर का आतंक है। दरअसल, वहां के थाना प्रभारी अवनीश श्रीवास को शिवरीनारायण का प्रभारी बनाया गया है। तब से वहां अस्थाई व्यवस्था के तहत बाबू लाल बिर्रा थाने के प्रभार में है। जब से उसे प्रभार मिला है तब से वह क्षेत्र में आतंक बचा रहा है। हर कबाडिय़ों, रेत खनन माफिया, गांजा तस्कर, शराब तस्करों को धरपकड़कर लाखों रुपए की वसूली की जा रही है।
बातचीत के अंश
रिपोर्टर: रविवार को ४ लीटर महुआ शराब के साथ पकड़ाया था?
आरोपी: हां पकड़ाया था।
रिपोर्टर: किस धारा के तहत कार्रवाई हुई?
आरोपी: मुझे धारा की जानकारी नहीं है।
रिपोर्टर: फिर कैसे छूट गया?
आरोपी: ***** ने बिर्रा थाने में ५० हजार रुपए देकर छुड़वाया है।
रिपोर्टर: पैसे किसने लिए?
आरोपी: बिर्रा थाना स्टॉफ ने लिए।
मामले की शिकायत मिली है। इसकी जांच कराकर नियमानुसार कार्रवाई करेंगे।
- विजय अग्रवाल, एसपी