जांजगीर चंपा

#Topic Of The Day- लागू करने से पहले ही समझ आ गई कानून की खामियां

- लागू करने से पहले ही प्रवर समिति की अनुशंसा पर कानून वापस लिया गया, जो स्वागतेय कदम है।

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#Topic Of The Day- लागू करने से पहले ही समझ आ गई कानून की खामियां

टॉपिक ऑफ द डे
जांजगीर-चांपा. पत्रिका डॉट काम द्वारा आयोजित टॉपिक ऑफ द डे में समाज सेवी, बलौदा भाजपा के ब्लाक व अधिवक्ता अध्यक्ष महेंद्र दुबे उपस्थित हुए। उन्होंने राजस्थान सरकार द्वारा बनाए गए कानून की खामियां सही समय पर समझने व उसे लागू नहीं करने के फैसले का स्वागत किया। साथ ही इस काले कानून को लेकर शुरू से विरोध दर्ज कराते हुए आम जनता तक मामले को लेकर जाने पत्रिका समूह को धन्यवाद ज्ञापित किया।

अधिवक्ता दुबे ने माना कि आम जन को कुछ अधिकार मिले हैं, जिसमें प्राकृतिक, सामाजिक व शासन की ओर से प्रदत्त हैं। इन अधिकारों में व्यक्ति की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार सबसे महत्वपूर्ण है। कानून के सम्मत सभी व्यक्ति एक बराबर हैं और सबकों समान अधिकार है। इसमें किसी को अतिरिक्त संरक्षण देना समाज में लोगों को बांटने के बराबर है, जिससे असमानता फैलेगी।

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राजस्थान सरकार द्वारा बनाया गया कानून भी कुछ ऐसा ही था, जो कुछ लोगों को संरक्षण प्रदान करने वाला था। इसलिए कानून का सभी ने विरोध किया, जिसे सही समय पर सरकार ने समझा और लागू नहीं किया। लागू करने से पहले ही प्रवर समिति की अनुशंसा पर कानून वापस लिया गया, जो स्वागतेय कदम है। उन्होंने कहा कि इसके लिए प्रयास करने वाले पत्रिका समूह भी धन्यवाद के पात्र हैं। साथ ही अधिवक्ता दुबे ने बलौदा क्षेत्र में हुए विकास को लेकर भी चर्चा करते हुए बताया कि बलौदा नगर में चार महाविद्यालय व वनांचल सहित ज्यादतर ग्रामों में हायर सेकेंडरी स्कूल संचालित हो रहे हैं, जिससे क्षेत्र के लोगों की शिक्षा के प्रति लगाव को समझा जा सकता है।

उन्होंने बताया कि शिक्षा से ही समाज में जागरूकता लाया जा सकता है, जिससे बदलाव संभव है। समाज के हर व्यक्ति को शिक्षित करने राज्य शासन के प्रयासों की सराहना की। इसी तरह उन्होंने बताया कि बलौदा क्षेत्र में नगर सहित ग्रामों में पेयजल के लिए भी प्रयास किया गया है, जिसके फलस्वरूप गांव-गांव में नल-जल योजना संचालित किए जा रहे हैं। साथ ही क्षेत्र में सड़कों का निर्माण व पुनर्निर्माण भी किया जा रहा है, जो वर्षों से क्षेत्रवासियों की मांग रही है। वहीं मजरे-टोले तक बिजली पहुंचाने भी योजना अंतर्गत कार्य किए जा रहे हैं।

नहरों की मिली स्वीकृति
बलौदा क्षेत्र नहर के मामले में दुर्भाग्यशाली रहा है। इस क्षेत्र से नहर तो गुजरा है, लेकिन इसके आसपास के 74 गांव सिंचाई से वंचित हैं। इस पर अधिवक्ता दुबे ने बताया कि बजट में शासन द्वारा क्षेत्र के लिए दो नहर की स्वीकृति प्रदान की गई है, जिससे कुछ गांवों में सिंचाई की सुविधा बढ़ेगी। साथ ही हसदेव बांगों परियोजना की बड़ी नहर से विभिन्न योजनांतर्गत किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाने शासन द्वारा प्रयास किया जा रहा है, जिससे अकाल की स्थिति से छुटकारा मिल जाएगा। उन्होंने आम जन से शासन की स्वच्छता योजना में शामिल होकर अपने आसपास को स्वच्छ बनाए रखने का आग्रह किया है।

Published on:
22 Feb 2018 05:06 pm
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