जांजगीर चंपा

बार-बार उड़ा रहे मापदण्डों की धज्जियां, आखिर नियमों की सीख क्यों नहीं ले लेते अफसर

जगह उसका बंदरबांट करने में अधिकारी अधिक ध्यान दे रहे

2 min read
जगह उसका बंदरबांट करने में अधिकारी अधिक ध्यान दे रहे

जांजगीर-चांपा. राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं को मुहैय्या कराने के लिए केंद्र व राज्य सरकार द्वारा करोड़ों रुपए का फंड दिया जाता है।

इसके बाद भी इस फंड को सही जगह लगाने की जगह उसका बंदरबांट करने में अधिकारी अधिक ध्यान दे रहे हैं। ऐसा कुछ मामला है जांजगीर जिले के लिए एनएचएम द्वारा निकाला गया वाहन टेंडर है।

ये भी पढ़ें

VIDEO: बांसवाड़ा में तनाव बरकरार, आगजनी तोड़फोड़, लगा कर्फ्यू, आईजी सहित कई अधिकारी मौके पर

इस टेंडर को अपने चेहते को देने के लिए जिला लेखा प्रबंधक रोशनी वर्मा ने बिना सीएमएचओ व डीपीएम से कोई लिखित अनुमति लिए ही उसमें अहम नियमों को हटा दिया जिससे टेंडर की मूल भावना ही बदल गई। इस मामले को जब पत्रिका ने प्रमुखता से उठाया सीएमएचओ ने इसके लिए एक नोटशीट तैयार कर उसे जल्द ही कलेक्टर के सामने रखने की बात कही है।

इतना ही नहीं रोशनी वर्मा का यह भी कहना था कि वह आरटीओ को पत्र लिखकर पता करेंगी कि आरटीओ से ट्रेवेल्स का रिजिस्ट्रेशन करना अनिवार्य है कि नहीं तो उन्हें इसकी सीख अपने ही विभाग यानि एनएचएम रायपुर से जारी वाहन टेंडर की नियमावली से लेना चाहिए।

वहां भी जो नियम निविदा में भाग लेने वालों के लिए दिए गए हैं उसमें भी आरटीओ से रजिस्टर्ड संस्था मांगी गई है। इससे साफ है कि जिले में अहम पदों पर बैठे अधिकारी व लिपिक वर्ग मनमाने तरीके से काम करना चाह रहे हैं और उन्हें शासन की गाइड लाइन में छेड़छाड़ करने पर होने वाली जांच व कार्यवाही का डर है।


राज्य वित्त प्रबंधक एनएचम छग की गाइड लाइन
-निविदाकर्ता फर्म के पास कम से कम 10 टैक्सी परमिट वाहन के साथ ही तीन वाहन खुद निविदाकर्ता के नाम रजिस्टर्ड होना चाहिए।
-निविदाकर्ता फर्म की एक शाखा उस जिले में स्थिति हो जहां के लिए वह टेंडर ले रहा है।
-निविदाकर्ता का जीएसटी/एसटी पंजीयन होना चाहिए।
-निविदाकर्ता का पंजीयन परिवहन विभाग छत्तीसगढ़ शासन से होना चाहिए।
-निविदाकर्ता फर्म के पास कम से कम तीन वर्ष का वैध शासकीय, कंपनी या फर्म रजिस्टार से पंजीयन होना चाहिए।
-निविदाकर्ता की फर्म में कम से कर्म 10 वाहन संचालित हो, जिनका डीएल और वाहन स्वामी से अनुबंध पत्र भी होना चाहिए।
-उसका सालाना टर्नओवर लगभग 35 लाख तक होना चाहिए। साथ ही तीन साल का सीए सर्टिफिकेट भी हो।
-निविदाकर्ता के पास शासकीय, अद्र्धशासकीय, निगम या मंडल में वाहन चलाने का कम से कम दो साल का अनुभव होना चाहिए।

ये भी पढ़ें

नहीं निपटा एक भी काम

Published on:
31 Mar 2018 04:20 pm
Also Read
View All