जशपुर नगर

रेप की रिपोर्ट दर्ज करने के लिए पुलिस ने मांगा पैसा व मुर्गा! पूर्व CM ने प्रशासन पर उठाया सवाल, जानें पूरा मामला?

Jashpur Rape Case: छत्तीसगढ़ के जशपुर में रेप पीड़िता की एफआईआर दर्ज करने के लिए पुलिस पर मुर्गा मांगने के आरोप लगे हैं। इस मामले में सियासत भी शुरू हो गई है।

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CG Rape Case: छत्तीसगढ़ की जशपुर पुलिस पर गंभीर आरोप लगे हैं। कोरवा जनजाति की एक रेप पीड़िता की एफआईआर लिखने के एवज में मुर्गा और पैसे मांगने का आरोप है। जशपुर के बगीचा थाना क्षेत्र के पंड्रापाठ पुलिस चौकी के प्रभारी व स्टाफ पर रेप पीड़िता के पति ने आरोप लगाए हैं। आदिवासी समुदाय की पीड़िता के पति ने मामले की लिखित शिकायत जशपुर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में भी की है।

इस मामले ने शनिवार को तक तूल पकड़ लिया जब प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने इस संबंध में अपने एक्स अकाउंट पर ट्वीट किया। पीड़ित पहाड़ी कोरवा द्वारा पुलिस अधीक्षक जशपुर में की गई शिकायत की कॉपी और पीड़ित के बयान को पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया के एक्स पर पोस्ट करते हुए पुलिस की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल उठाया है।

वीडियो भी आया सामने

आदिवासी रेप पीड़िता के पति की बातचीत का एक वीडियो भी सामने आया है। वीडियो और लिखित शिकायत की कॉपी पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पर पोस्ट की है। पूर्व मुख्यमंत्री बघेल ने राज्य की पुलिस व्यवस्था को फेल बताया है और राज्य के गृहमंत्री को पद से हटाने की मांग भी की है।

CG Rape Case: कुछ ही देर में इस पूरे मामले में जशपुर पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने पूरे मामले की जांच के लिए बगीचा एसडीओपी की अगुआई में एक जांच टीम का एलान करते हुए, बयान जारी किया कि, दुष्कर्म पीड़िता और उसके पति जिस दिन पंडरापाठ चौकी पहुंचे उसी दिन बगीचा थाने में मामले में अपराध कायम करते हुए आरोपी की गिरफ्तार हो गई।

उन्होंने पीड़ित पक्ष को किसी के द्वारा बरगलाने की बात कही। सोमवार को एसपी शशि मोहन सिंह ने इस मामले में मीडिया से बात की ओर बताया कि 2 दिसबर की रात को आरोपी के द्वारा पीड़िता के साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया गया। 3 दिसबर की सुबह घटना की सूचना के बाद पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध एफआईआर दर्ज किया और अगले दिन उसे जेल भेज दिया गया।

दुष्कर्म के पुराने धारा 376 और अब भारतीय न्याय संहित की धारा 64 को लेकर संशय

पुलिस अधीक्षक ने आगे बताया कि किसी ने पीड़िता के पति को यह बता दिया कि पुलिस ने आरोपी को बचाने के उद्देश्य से आरोपी के विरुद्ध आपीसी की धारा 376 दर्ज करने के बजाय बीएनएस, भारतीय न्याय संहिता की धारा 64 लगा दिया है।

इस वजह से पीड़िता का पति अज्ञानतावश धारा 376 लगाने ली जिद्द कर रहा था। इस पर पुलिस द्वारा यह स्पष्ट किया गया कि धराएं और नियम में बदलाव हुए हैं और बदलाव के बाद धारा 376 के जगह धारा 64 लगाया जाना है, लेकिन पीड़िता का पति इस बात को मानने को तैयार नहीं था और वह चौकी में इसी बात को लेकर विवाद करने लगा तथा बड़े अधिकारियों से शिकायत करने की बात कहकर वहां से चला गया था।

Published on:
08 Dec 2024 12:04 pm
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