Collector Action: जशपुरनगर कलेक्टर रोहित व्यास ने भरी मीटिंग में सीएचओ और आरएचओ को जमकर फटकार लगाई। कहा कि दोनों काम नहीं कर रहे हैं तो उनके वेतन रोकने की कार्रवाई करें..
Collector Action: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के गृह जिला जशपुरनगर कलेक्टर रोहित व्यास ने भरी मीटिंग (Collector in Meeting ) में सख्त तेवर दिखाए। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में स्वास्थ्य विभाग के जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक लेकर स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी जीएस जात्रा, विकास खंड स्वास्थ्य अधिकारी डीपीएम, बीपीएम, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारीगण उपस्थित थे।
जिले के स्वास्थ्य अधिकारियों को संबोधित करते हुए, कलेक्टर ने कहा कि जो सीएचओ और आरएचवो काम नहीं कर रहे हैं तो उनके वेतन रोकने की कार्रवाई करें, विभागीय कार्रवाई के साथ निलंबित करने के साथ ही विभागीय जांच के साथ उनकी सेवा समाप्त करने के निर्देश दिए हैं। समीक्षा के दौरान फरसाबहार विकासखंड में टीबी कार्यक्रम की ऑनलाइन एंट्री की गति बहुत धीमी होने के कारण कलेक्टर ने इस गंभीरता से लिया और गहरी नाराजगी व्यक्त की।
कहा कि काम नहीं करने वाले कर्मचारियों पर कारवाई करें बिना काम का उन्हें वेतन बिल्कुल भी नहीं दे और नोटिस जारी करके कार्रवाई जरूर करने के दिए निर्देश। कलेक्टर ने मातृ और शिशु मृत्यु दर की भी समीक्षा की उन्होंने कहा कि संस्था गत प्रसव और गर्भवती माताओं का घर में होने वाले डिलिवरी की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि प्रत्येक सप्ताह इसकी अपडेट जानकारी देने के निर्देश दिए। मितानी के माध्यम से गर्भवती माताओं का अस्पताल में संस्थागत प्रसव कराने के लिए कहा हैं।
कलेक्टर ने मातृ और शिशु मृत्यु दर का आडिट करवाने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि संस्था गत प्रसव होने पर मां और बच्चे को 48 घंटे अस्पताल में अनिवार्य रूप से रखना है। अस्पताल से जल्दी से छुट्टी नहीं देना है। उन्होंने सभी स्वास्थ्य केन्द्रों में बेहतर क्रियान्वयन करने के निर्देश देते हुए, वहीं स्वास्थ्य योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की।
कलेक्टर ने स्वास्थ्य केन्द्र में 108 एम्बुलेंस और 102 एम्बुलेंस की सुविधा की जानकारी ली। और जरूरतमंद मरीजों को इसका लाभ देने के लिए कहा साथ ही रात्रि के समय में इमरजेंसी मरीजों को तत्काल वाहन की सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। जशपुर जिले में गर्भवती माताओं को योग का अभ्यास भी करवाया जा रहा है। ताकि बच्चों का नार्मल डिलीवरी हो सके।