आइक्रीम बेचकर पढ़ाई की। मजदूरी कर पैसे जोड़े और किराने की दूकान से मोबाइल की दूकान खोली। यही नहीं वह अभी भी एमकॉम की पढ़ाई कर रहा है।धीरे-धीरे आर्थिक स्थिति सुधरी तो घर बनाया, कार खरीदी और अब शादी करने की तैयारी कर रहा है। लेकिन उसकी तरक्की समाज के कुछ लोगों को रास नहीं आयी।
जशपुर. समाज में एक दूसरे के प्रति कितना जहर भर चूका है इसका ताजा उदाहरण जिले में देखने को मिला। जहां एक परिवार को समाज से सिर्फ इसलिए बहिष्कृत कर दिया गया क्योंकि उसने अपनी गरीबी से जूझते हुए कड़ी मेहनत से सफलता हांसिल की।
जानकारी के अनुसार जशपुर के आरा केतार गांव के रहने वाले युवक उत्तम कुजूर बहुत ही गरीब परिवार में पैदा हुए लेकिन उन्होंने अपनी गरीबी से कभी हार नहीं मानी। आइक्रीम बेचकर पढ़ाई की। मजदूरी कर पैसे जोड़े और किराने की दूकान से मोबाइल की दूकान खोली। यही नहीं वह अभी भी एमकॉम की पढ़ाई कर रहा है।
धीरे-धीरे आर्थिक स्थिति सुधरी तो घर बनाया, कार खरीदी और अब शादी करने की तैयारी कर रहा है। लेकिन उसकी तरक्की समाज के कुछ लोगों को रास नहीं आयी। वो उसकी तरक्की से इस कदर द्वेष करने लगे कि बिना किसी वजह के बैठक कर उसका समाजिक बहिष्कार कर दिया।
समाज के बाकी लोगों को चेतावनी दी गयी है की अगर कोई भी उत्तम से बात करता है या किसी भी प्रकार का सम्बन्ध रखता है तो उसे 9 हजार रुपए बतौर जुर्माना देना पड़ेगा। जिसके कारण अब कोई भी उससे बात नहीं कर रहा है। ना ही उसके दूकान से किसी तरह की खरीदारी कर रहा है।
पीड़ित ने एसपी जशपुर समेत आला अधिकारियों को ज्ञापन बताया है कि हालही में उसकी सरकारी नौकरी करने वाली एक लड़की से सगाई हुई है। ऐसे में जब भी कोई रिश्तेदार उसके घर आता है तो उसे सबके सामने जानबुझकर बेइज्जत किया जाता है और उसकी शादी तोड़ने का प्रयास कर रहे हैं।
उसने अपने गांव के 16 लोगों के नाम बताये हैं जो उसके साथ ऐसा कर रहे हैं। पुलिस अधीक्षक ने मामले को संज्ञान में लेते हुए कार्यवाही की बात कही है।