र्रापारा मोहल्ले में किराए के मकान में रहने वाला पादरी शालोम बाबू टांडी सीतापुर थाना क्षेत्र की एक नाबालिग लड़की को पढ़ने के लिए अपने साथ ले आया। परिजनों ने भी पादरी की बात पर भरोसा करते हुए बेटी के बेहतर भविष्य के लिए उसे उसके साथ भेज दिया।
जशपुर. पढाई लिखाई का शौक ही नाबालिग लड़की की ज़िन्दगी का सबसे बुरा सपना बन गया। उसकी गलती बस इतनी थी की पढ़ाई करने के लिए उसने एक पादरी की बातों पर भरोसा कर लिया और अपना गांव छोड़कर वह उसके साथ शहर चली आयी।
जानकारी के अनुसार पथलगावं थाना इलाके के दर्रापारा मोहल्ले में किराए के मकान में रहने वाला पादरी शालोम बाबू टांडी सीतापुर थाना क्षेत्र की एक नाबालिग लड़की को पढ़ने के लिए अपने साथ ले आया। परिजनों ने भी पादरी की बात पर भरोसा करते हुए बेटी के बेहतर भविष्य के लिए उसे उसके साथ भेज दिया।
लड़की को अपने घर लाने के बाद उसे पढ़ाने लिखाने के बजाय वह उसका शारीरिक शोषण करने लगा। उसने नाबालिग को इस घटना के बारे में किसी को बताने पर धमकी जान से मारने की धमकी भी दी। शारीरिक शोषण का यह सिलसिला कई महीनो तक चलता रहा। इसी बीच किसी तरह नाबालिग ने अपने परिजनों को इस घटना की जानकारी दी।
परिजनों ने पत्थलगांव थाना पहुंच कर मानपुर (बसना) के रहने वाले पादरी के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ 363 366, 376, 2 डी और पॉक्सो एक्ट की धारा 4,5 के तहत मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरु कर दी है । फिलहाल आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया जा सका है।