पत्थलगड़ी में मासूम आदिवासियों को उकसाने के मामले में गिरफ्तार किए गए हैं किंडो और जोसेफ, बहन हैं मंत्रालय में सचिव
जशपुर नगर
पत्थलगड़ी मामले में गिरफ्तार रिटायर्ड आईएएस एचपी किंडो से मिलने उनकी आईएएस बहन जेनेबिबा किंडो जेल पहुंची। जेनेबिबा ने अपने आईएएस रुतबे का भरपूर इस्तेमाल करते हुए जेल मैनुअल को तोड़ा और भाई से मुलाकात की। सूत्रों से मिली खबर के मुताबिक राज्य निर्वाचन में सचिव के पद पर पदस्थ जेनेबिबा किंडो सोमवार देर रात जशपुर पहुंचीं। उन्होंने पहले तो एसडीएम को जेलर ने मिलने की अनुमित दिलाने के लिए कहा, लेकिन एसडीएम छुट्टी पर थे। जेनेबिबा ने फिर तहसीलदार पर दबाव बनाया। देर रात 12 बजे तहसीलदार ने जेलर को फोन करके जेनेबिबा किंडो को आरोपी एचपी किंडो से मिलवाया। मामले में तहसीलदार का कहना है कि ऊपर से निर्देश थे, इसलिए मिलावाया। जबकि इस मुलाकात की जेल में कोई एंट्री नहीं है। देर रात अपने भाई रिटायर्ड आईएएस अधिकारी और पत्थलगड़ी में लोगों को वैमनस्य के लिए उकसाने वाले एचपी किंडो से मिलीं।
जेल प्रशासन इतना मेहरबान कि रिकॉर्ड में नहीं ली मुलाकात
जशपुर के जेल में बंद किंडो से उनकी आईएएस बहन ने मुलाकात की, लेकिन इस दौरान क्या बात हुई इसका अभी खुलासा नहीं हो सका है। यह मुलाकात जेलर रमाशंकर सिंह के केबिन में हुई। जेल प्रशासन ने इस मुलाकात को किसी रिकॉर्ड में नहीं लिया है।
तहसीलदार के कांपे हाथ, बोले ऊपर से था निर्देश
जशपुर में तहसीलदार पीएल मंडावी ने जेलर को फोन करके आरोपी किंडो से मिलने के लिए उनकी आईएएस बहन जेनेबिबा को मिलवा देने के लिए कहा। इस बारे में मंडवी ने कुछ भी बोलने से मना करते हुए कहा कि यह सब ऊपर से फोन आया था। ऊपर से किसका फोन था, तो कोई जवाब नहीं मिला।
रिटायर्ड आईएएस किंडो और आईएएस जेनेबिबा हैं चेचेर भाई-बहन
रिटायर्ड आईएएस एचपी किंडो पत्थलगड़ी आंदोलन में आदिवासियों को विद्रोह के लिए भड़काने के आरोप में जेल में बंद हैं। उनकी चेचरी बहन जेनेबिबो किंडो भी आईएएस हैं। जेनबिबा किंडो राज्य निर्वाचन में सचिव के पद पर कार्यरत हैं।