Unique Relationship: बाबा और बुजुर्ग महिला अपने हाथों से प्रसाद और भोजन खिलाते हैं। बाबा और बुजुर्ग महिला भालुओं को सीताराम के नाम से पुकारते हैं।
Unique Relationship: मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिले के भरतपुर विकासखंड के ग्राम उचेहरा में इंसान और भालुओं के बीच अनोखा प्रेम दिखता है। यहां भालू का पूरा परिवार बाबा की कुटिया में रोजाना प्रसाद खाने आता है। छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश की सीमा पर ग्राम उचेहरा स्थित है। गांव के पास जंगल में राजामांड़ा स्थान पर एक बाबा छोटी सी कुटिया बनाकर रहते हैं। वहां एक बुजुर्ग महिला भी रहती है, जहां प्रतिदिन भालुओं का पूरा परिवार आता है।
कभी दो भालू, कभी तीन और कभी-कभी चार भालू आते हैं। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद लोग बड़ी संख्या में वहां पहुंचते हैं। हालांकि, बाहर से आने वाले लोग भालुओं के पास आने से डरते हैं। लेकिन बाबा और बुजुर्ग महिला अपने हाथों से प्रसाद और भोजन खिलाते हैं। बाबा और बुजुर्ग महिला भालुओं को सीताराम के नाम से पुकारते हैं।
भालुओं का परिवार भोजन ग्रहण करता है और इशारे करने के बाद पुन: जंगल की तरफ चला जाता है। ऐसा ही नजारा महासमुंद जिले के ग्राम बागबहरा के पास माता चंडी मंदिर में देखने को मिलता है। जहां मंदिर परिसर में भालू आते हैं और प्रसाद खाने के बाद जंगल को लौट जाते हैं।