Elephant Attacks: हाथियों की चिंघाड़ और घरों के टूटने की आवाज से पूरे गांव में हडक़ंप मच गया। दहशत में ग्रामीण अपनी जान बचाने के लिए इधर.उधर भागते नजर आए। पिछले एक महीने से इलाके में डेरा जमाए इस दल ने बीती रात तीन ग्रामीणों के घरों को पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया।
Elephant Attacks: जशपुर जिले के पत्थलगांव वन परिक्षेत्र में हाथियों और इंसानों के बीच संघर्ष एक बार फिर गंभीर हो गया है। इस क्षेत्र से आ रही ताजा जानकारी के अनुसार, तिलडेगा ग्राम पंचायत के भद्रापारा इलाके में मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात 11 हाथियों का एक बड़ा दल रिहायशी क्षेत्र में घुस आया और जमकर उत्पात मचाया।
हाथियों की चिंघाड़ और घरों के टूटने की आवाज से पूरे गांव में हडक़ंप मच गया। दहशत में ग्रामीण अपनी जान बचाने के लिए इधर.उधर भागते नजर आए। पिछले एक महीने से इलाके में डेरा जमाए इस दल ने बीती रात तीन ग्रामीणों के घरों को पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। घरों में रखा साल भर का राशन भी हाथियों ने खा लिया।
इस संबंध में डीएफओ जशपुर शशिकुमार ने बताया कि 24 मार्च 2026 की दरम्यानी रात को 11 हाथियों का एक दल कक्ष क्रमांक पीएफ 959 नंदनझरिया क्षेत्र में सारसमार एवं नंदनझरिया होते हुए तिलडेगा बस्ती के समीप पहुंच गया। इस दौरान हाथियों ने तिलडेगा भदरापारा निवासी जय कुमार नाग 40 वर्ष, के खेत में बने आवासीय घर को नुकसान पहुंचाना शुरू कर दिया। उस समय घर के अंदर उनके माता-पिता बितन नाग 65 वर्ष, एवं राजमति नाग 60 वर्ष मौजूद थे।
हाथियों की आहट सुनकर जय कुमार नाग किसी तरह बाहर निकलकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचे और तुरंत वन विभाग के गश्ती दल एवं रैपिड रिस्पॉन्स टीम, आरआरटी को सूचना दी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुँचकर तत्काल कार्रवाई शुरू की। और दोनो बुजुर्गों को सुरक्षित ठिकाने पर पहुंचाया।
हाथियों के इस दल ने सिर्फ घरों को ही नहीं, बल्कि किसानों की मेहनत पर भी पानी फेर दिया। भद्रापारा क्षेत्र के खेतों में लगी टमाटर, केला और प्याज की तैयार फसलों को रौंदकर पूरी तरह नष्ट कर दिया, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित करने के प्रयास शुरू किए। पूरी रात टीम इलाके में तैनात रही और हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखी गई। फिलहाल हाथियों का दल आसपास के जंगलों में ही मौजूद है, जिससे गांव में तनाव और डर का माहौल बना हुआ है।
वन विभाग के अधिकारियों ने प्रभावित ग्रामीणों के नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है, ताकि उन्हें जल्द से जल्द मुआवजा दिया जा सके। विभाग ने लोगों को सख्त हिदायत दी है कि वे हाथियों के पास न जाएं और न ही उन्हें भगाने की कोशिश करें।
लगातार बढ़ रही हाथियों की गतिविधियों से परेशान ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि हाथियों को सुरक्षित कॉरिडोर के जरिए जंगल की ओर खदेड़ा जाए। वहीं, वन विभाग की विशेष टीम लगातार मुनादी कर लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दे रही है।