Terror of 30 elephants: रायगढ़ जिले के लैलूंगा वन परिक्षेत्र से करीब 30 हाथियों का दल, जिसमें 8 शावक भी शामिल हैं, पत्थलगांव क्षेत्र में पहुंच गया है।
Terror Of Elephants: जशपुर जिले में एक बार फिर जंगली हाथियों के बड़े दल ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। बताया जा रहा है कि, जिले की सीमा में झुसा हाथियों का नया झुंड है जिसमें करीब 30 हाथी हैं, जिसमें 8 शावक भी शामिल हैं। हाथियों का यह झुड रायगढ़ जिले के लैलूंगा वन परिक्षेत्र से निकलकर पत्थलगांव वन परिक्षेत्र में पहुंच गया है। हाथियों की अचानक आमद से आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है और लोग सतर्क हो गए हैं।
जानकारी के अनुसार, हाथियों का दल फिलहाल पीठाआमा के जंगल में डेरा डाले हुए है। हालांकि, उनकी लगातार बदलती लोकेशन से आसपास के गांवों की चिंता बढ़ती जा रही है। जैसे ही हाथियों की गतिविधि की सूचना मिलती है, वन विभाग तत्काल मुनादी कर ग्रामीणों को अलर्ट कर रहा है। इसके साथ ही हाथियों से दूर रहने आसपास के गांव के ग्रामीणों को जागरूक किया जा रहा है।
बीती रात जब रायगढ़ जिले के लैलूंगा वन परिक्षेत्र से निकलकर हाथियों का यह दल जशपुर जिले के पत्थलगांव वन परिक्षेत्र में आ घुसा तब से सारी रात हाथियों के झुंड ने रास्ते में कई किसानों की केले की फसल और पेड़ों को रौंद दिया है। इसके अलावा बाडिय़ों में लगे सिंचाई पम्पों को भी नुकसान पहुंचाया गया है, जिससे किसानों को भारी आर्थिक क्षति उठानी पड़ी है। इस नुकसान के बाद गांवों में भय और बढ़ गया है।
वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि किसी भी गतिविधि की जानकारी तुरंत दें और रात के समय खेतों या जंगल की ओर जाने से बचें। पत्थलगांव वन परिक्षेत्र में पूरी टीम अलर्ट मोड पर है और हाथियों की हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी तरह की जनहानि को रोका जा सके। पत्थलगांव वन परिक्षेत्राधिकारी कृपा सिंधु पैंकरा के अनुसार, बीती रात 30 हाथियों का दल खड़ामाचा जंगल में प्रवेश कर चुका है। आसपास के 8 गांवों में मुनादी कर लोगों को सतर्क कर दिया गया है।
स्थिति को देखते हुए वन विभाग पूरी तरह मुस्तैद है। जिस दिशा में हाथियों का मूवमेंट हो रहा है, वहां के गांवों में लगातार मुनादी कर लोगों को सावधान रहने की हिदायत दी जा रही है। वन अमला गांव-गांव पहुंचकर लोगों को समझा रहा है कि वे हाथियों के पास न जाएं और न ही उन्हें भगाने की कोशिश करें।