जौनपुर

सिलिंडर की कालाबाजारी और किल्लत को लेकर आप का प्रदर्शन, लगाए सरकार विरोधी नारे, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन

आप ने बढ़ी हुई गैस की कीमतों और घरेलु गैस सिलिंडर की किल्लत को लेकर प्रदर्शन किया है। पार्टी ने राष्ट्रपति के नाम सम्बोधित ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा है और मामले में दखल देने की बात कही है...

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Mar 14, 2026

जौनपुर: मिडिल ईस्ट में छिड़ी जंग का असर भारत में भी देखने को मिल रहा है। यहां सड़कों पर गैस को लेकर उपभोक्ता दौड़ते दिखाई दे रहे हैं। इस दौरान सरकार ने यह साफ किया है कि घरेलू गैस की किसी भी तरह की कमी नहीं है और सरकार के पास पर्याप्त स्टॉक है। अब इस मामले में राजनीति भी शुरू हो गई है। आम आदमी पार्टी ने सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए इसे दूर करने और कालाबाजारी रोकने के लिए प्रदर्शन किया है।

राष्ट्रपति के नाम सिटी मजिस्ट्रेट को दिया ज्ञापन

शनिवार को कलेक्ट्रेट परिसर में सैकड़ों की संख्या में आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता हाथों में बैनर पोस्टर लिए पहुंचे और जिला अध्यक्ष राम रतन विश्वकर्मा के नेतृत्व में राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि घरेलू गैस की कीमतों में सरकार ने ₹60 और कमर्शियल में ₹120 की बढ़ोतरी की है। इसके साथ ही गैस की किल्लत भी लोगों को झेलनी पड़ रही है, जिस पर सरकार का किसी भी तरह से नियंत्रण नहीं है।

आप का आरोप, झूठ बोल रही सरकार

जिला अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार लोगों से झूठे वादे कर रही है कि उसके पास पर्याप्त मात्रा में रसोई गैस उपलब्ध है। यदि सरकार के पास प्रॉपर स्टॉक है तो लोग लाइन में क्यों खड़े हैं, होटल में सप्लाई क्यों बंद कर दी गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि यूपी व दिल्ली ही नहीं बल्कि देश के हर राज्य और हर कोने में रसोई गैस की किल्लत होने लगी है। उन्होंने कहा कि इसका फायदा डीलर भी उठा रहे हैं। लोगों को औने-पौने दाम पर गैस सिलिंडर दिया जा रहा है।

पीएम मोदी ट्रंप की कठपुतली: आप

जिला अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि सिलिंडर अब ब्लैक में बेची जा रहें हैं और उपभोक्ताओं से 3500 रुपए वसूले जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आगे नतमस्तक हो चुके हैं और वह ट्रंप के हाथ की कठपुतली बन गए हैं। जिला अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने 140 करोड़ देशवासियों की भावनाओं को अमेरिकी सरकार के हवाले कर दिया है।

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