बाहुबली धनंजय सिंह ने भारतीय जनता पार्टी को अपना समर्थन देने का ऐलान किया है। उन्होंने अपने समर्थकों के साथ मंगलवार शाम को बैठक की और फिर लोकसभा चुनाव 2024 में बीजेपी के समर्थन का ऐलान कर दिया। कुछ दिनों पहले बहुजन समाज पार्टी ने उनकी पत्नी श्रीकला रेड्डी का जौनपुर लोकसभा सीट से टिकट काट दिया था।
जौनपुर के पूर्व सांसद धनंजय सिंह ने भारतीय जनता पार्टी को अपना समर्थन देने का ऐलान किया है। सूत्रों के मुताबिक धनंजय ने दो दिन पहले गोपनीय तरीके से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी मुलाकात की थी।पूर्व सांसद धनन्जय सिंह ने मंगलवार को अपने समर्थकों संग बैठक में चुनाव में भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में मतदान करने की अपील किया।
देर शाम क्षेत्र के शेरवा स्थित आझू राय इंटर कालेज पर आयोजित जन बैठक में विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने पहले समर्थकों से उनकी राय जानी और अंतिम में अपनी बात रखी। धनंजय ने
भाजपा प्रत्याशी कृपा शंकर सिंह के पक्ष में खुला समर्थन देते हुए उन्हें वोट देकर विजयी बनाने की अपील किया। उनकी इस घोषणा पर वहाँ जय श्रीराम के नारे लगने लगे।
उन्होंने मोदी व योगी सरकार की तारीफ करते हुए कहा कि दोनो जगह बहुत ही मजबूत अच्छी और पारदर्शी निर्णय लेने वाली सरकार काम कर रही है। विगत 10 वर्षों में सरकार ने सर्व साधारण के कल्याण के लिए अच्छे निर्णय लिए हैं।विदेशों में भी देश का गौरव बढा है। उन्होंने कहा कि अब वे चुनाव से हट गए हैं लेकिन आप देखे की कौन कौन यहाँ से चुनाव में प्रत्याशी है।
भाजपा को खुला समर्थन करके धनंजय सिंह पूर्वांचल में ठाकुर वोटरों को साधने का काम करेंगे। अकेले जौनपुर की बात करें, तो यहां अपने समर्थक वोटरों को भाजपा के पक्ष में करने का काम करेंगे। दरअसल, धनंजय सिंह की इस सीट पर राजपूत वोटरों समेत मुस्लिम और निषाद वोटरों पर अच्छी पकड़ मानी जाती है। इन वोटर्स को भाजपा के पक्ष में जोड़ेंगे।
कुछ दिन पहले बहुजन समाज पार्टी ने उनकी पत्नी श्रीकला रेड्डी का जौनपुर लोकसभा सीट से टिकट काट दिया था। श्रीकला को बसपा ने सदर लोकसभा सीट से प्रत्याशी बनाकर मैदान में उतारा था। लेकिन, नामांकन करने के बाद उनका टिकट काटकर वर्तमान सांसद श्याम सिंह यादव को टिकट देकर मैदान में उतार दिया।जौनपुर से धनंजय ने खुद चुनाव लड़ने का ऐलान किया था, लेकिन अपहरण मामले में उन्हें 7 साल की सजा हो गई थी। इसके बाद वह जेल चले गए थे। उन्हें 1 मई को बरेली जेल शिफ्ट किया जा रहा था, तभी हाईकोर्ट से जमानत मिल गई थी।