जौनपुर

वाराणसी फ्लाईओवर हादसा: मां की जिंदगी बचाने के लिए गांव से आए थे बनारस, एक साथ पांचों का निकला शव तो रोने लगा पूरा गांव

एक ही परिवार के पांच लोगों का निकला शव ...  
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Updated: 16 May 2018, 4:55 PM IST
five family member death in varanasi flyover collapse villagers cry
वाराणसी प्लाईओवर हादसा: मां की जिंदगी बचाने के लिए गांव से आए थे बनारस, एक साथ पांचों का निकला शव तो रोने लगा पूरा गांव

जौनपुर. बनारस फलाईओवर हादसे में जौनपुर के पांच लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। जो गांव से बनारस मां के इलाज करवा उनकी जिंदगी बचाने आए थे। यो लोग बनारस बीएचयू में मां को दिखाने आए थे। मां के शरीर में सूजन की शिकायत रहती, साथ ही लीवर सूजन की भी शिकायत थी। जिसको लेकर परिवार वाले चिंतित रहते थे। बुधवार को बेटों ने बनारस इलाज करवाने का निश्चय किया और आ गए। बीएचयू में इलाज करवाने के बाद ये गांव लौट रहे थे कि, हादसे का शिकार हो गए। घर में ए बेटे की शादी थी और मां की तबियत खराब रहती थी। जिसकेलेकर सभी परेशा रहते थे। डॉ. को दिखाने के बाद फोन किया औऱ कहा कि, अब सबकुछ ठीक हो जाएगा।

बोलेरो में सवार पांचों की मौके पर मौत हो गई। पिल्स ने मृतक के मोबाइल से फोन किया तो इनके मौत की जानकारी पूरे गांववालों की हुई। यह खबर सुनते ही पूरा गांव रो पड़ा। हादसे में एक ही परिवार के सरायख्वाजा थाना क्षेत्र भरौरा गांव निवासी रघुनाथ बहेलिया 55, उनकी पत्नी विद्या देवी 50, पुत्र अरुण 25 और रघुनाथ के बहनोई रामचेत 45, पड़ोसी रामचंद्र 27 निवासी ग्राम बन्दनपुर थाना खुटहन बोलेरो में सवार होकर विद्या देवी को वाराणसी स्थित एक अस्पताल में दवा दिलाने जा रहे थे। इसी दौरान फ्लाईओवर गिर गया। जिसमें दबकर पांचों की मौत हो गई।

मृतक के मोबाइल से पुलिस प्रशासन के लोगों ने एक नंबर पर फोन किया जो गांव का निकला। जिस पर हादसे की जानकारी दी गई। काफी संख्या में ग्रामीण शव लेने वाराणसी पहुंच गए हैं। दोपहर या शाम तक शव आने की बात बताई जा रही है। मौत की सूचना परिवार को मिलते ही कोहराम मच गया। पांचों लोगों के मौत की खबर सुनते ही पूरे गांव के लोग रो पड़े। गांव में मातम पसरा हुआ है। वहीं मृतक में से एक बेटे की शादी जून में होनी थी। जिसके माथे पर सेहरा बधने से पहले ही वह दुनिया को अलविदा कह गया। घर में शादी कीतैयारियां चल रहीं थी। लेकिन एक हादसे ने खुशियों को मातम में बदल दिया।

input जावेद अहमद

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