जौनपुर

जौनपुर पहुंचे जगद्गुरु रामभद्राचार्य, अखिलेश यादव के ‘जेल’ वाले बयान पर फिर साधी चुप्पी

Jaunpur News: जौनपुर पहुंचे जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने अखिलेश यादव के जेल भेजने वाले बयान पर प्रतिक्रिया देने से इनकार किया। निजी कार्यक्रम में मां शीतला के दर्शन कर मातृभूमि के सम्मान का संदेश दिया।

2 min read
Feb 27, 2026

Jaunpur News: चित्रकूट के तुलसी पीठाधीश्वर जगद्गुरु रामभद्राचार्य गुरुवार को जौनपुर पहुंचे। वह अपने उत्तराधिकारी शिष्य रामचंद्र दास उर्फ जय महाराज के साथ हेलीकॉप्टर से शीतला चौकिया क्षेत्र के महंगूपुर स्थित एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने आए थे।

करीब दो घंटे तक कार्यक्रम में मौजूद रहने के बाद उन्होंने मां शीतला का दर्शन-पूजन किया और फिर वापस रवाना हो गए। कार्यक्रम स्थल पर प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस बल तैनात रहा।

ये भी पढ़ें

यूपी में होली पर 3 दिन बंद रहेंगे स्कूल, कॉलेज और सरकारी दफ्तर, सरकार ने दिए आदेश

अखिलेश के बयान पर सवाल, लेकिन कोई जवाब नहीं

हाल ही में अखिलेश यादव ने लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान रामभद्राचार्य पर दर्ज पुराने मुकदमे का जिक्र करते हुए तीखी टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि मुकदमा वापस लेना गलती थी और उन्हें जेल भेजा जाना चाहिए था। जौनपुर दौरे के दौरान जब मीडिया ने इस मुद्दे पर रामभद्राचार्य से सवाल पूछा तो उन्होंने प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया। बताया जा रहा है कि उन्होंने बात टालते हुए आगे बढ़ना उचित समझा और सुरक्षाकर्मियों ने कार का शीशा बंद कर दिया।

“मां और मातृभूमि स्वर्ग से बड़ी”

कार्यक्रम में रामभद्राचार्य ने राजनीतिक मुद्दों से दूरी बनाए रखी। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि मां और मातृभूमि का स्थान सर्वोच्च है। जौनपुर को अपनी जन्मभूमि बताते हुए उन्होंने यहां की संस्कृति और परंपराओं की सराहना की। उन्होंने उपस्थित लोगों से अपनी जड़ों को याद रखने और देश के प्रति समर्पित रहने का संदेश दिया। उनके विचारों को सुनने के लिए बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

धर्म और राजनीति के बीच बढ़ती बहस

रामभद्राचार्य इन दिनों स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के साथ चल रहे विवाद को लेकर भी चर्चा में हैं। वहीं, अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भी निशाना साधते हुए सरकार पर साधु-संतों के अपमान का आरोप लगाया है। इन बयानों के बाद प्रदेश की राजनीति में धर्म और सत्ता के रिश्ते को लेकर नई बहस छिड़ गई है। हालांकि जौनपुर में अपने दौरे के दौरान रामभद्राचार्य ने किसी भी राजनीतिक टिप्पणी से परहेज किया।

Also Read
View All

अगली खबर